तिलकायत पुत्र विशाल बावा की मुख्य सचिव से भेंट:नाथद्वारा के मास्टर प्लान और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर हुई चर्चा
श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत पुत्र युवाचार्य विशाल बावा ने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से सौहार्दपूर्ण भेंट एवं संवाद किया। इस अवसर पर दोनों के बीच प्रभु श्रीनाथजी की कृपा, पुष्टिमार्ग की दिव्यता और नाथद्वारा की आध्यात्मिक गरिमा को लेकर सार्थक चर्चा हुई। भेंट के दौरान नाथद्वारा आने वाले वैष्णव दर्शनार्थियों एवं नगरवासियों की सुविधाओं को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से नगर की स्वच्छता व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं और नाथद्वारा नगर के मास्टर प्लान को लेकर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। युवाचार्य विशाल बावा ने नाथद्वारा की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुव्यवस्थित विकास और बेहतर नागरिक सुविधाओं की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर विशाल बावा ने परंपरा अनुसार मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का ऊपरना ओढ़ाकर सम्मान किया तथा प्रसाद भेंट कर समाधान किया। साथ ही उन्हें प्रभु श्रीनाथजी की नगरी नाथद्वारा पधारने का औपचारिक आमंत्रण भी दिया।
श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत पुत्र विशाल बावा ने मुख्य सचिव से भेंट कर नगर में सुविधाओं को लेकर चर्चा की।
श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत पुत्र युवाचार्य विशाल बावा ने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से सौहार्दपूर्ण भेंट एवं संवाद किया। इस अवसर पर दोनों के बीच प्रभु श्रीनाथजी की कृपा, पुष्टिमार्ग की दिव्यता और नाथद्वारा की आध्यात्मिक गरिमा को लेकर
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भेंट के दौरान नाथद्वारा आने वाले वैष्णव दर्शनार्थियों एवं नगरवासियों की सुविधाओं को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से नगर की स्वच्छता व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं और नाथद्वारा नगर के मास्टर प्लान को लेकर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।
युवाचार्य विशाल बावा ने नाथद्वारा की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुव्यवस्थित विकास और बेहतर नागरिक सुविधाओं की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर विशाल बावा ने परंपरा अनुसार मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का ऊपरना ओढ़ाकर सम्मान किया तथा प्रसाद भेंट कर समाधान किया। साथ ही उन्हें प्रभु श्रीनाथजी की नगरी नाथद्वारा पधारने का औपचारिक आमंत्रण भी दिया।