जसोलधाम में पौष शुक्ल त्रयोदशी पर उमड़ी भीड़:नए साल के पहले दिन श्रद्धालुओं ने किए मां जसोल के दर्शन, शाम की आरती का होगा लाइव प्रसारण
पौष शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के अवसर पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल में आस्था और भक्ति का विराट संगम देखने को मिला। अंग्रेजी नववर्ष 2026 का भी पहला दिन होने से गुरुवार को लोगों ने यहां बड़ी संख्या में दर्शन किए। मंगला आरती के साथ ही जसोलधाम में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। दूर-दराज के गांवों, जिलों और विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने मां जसोल के दर्शन कर सुख, शांति, समृद्धि और पारिवारिक खुशहाली की कामना की। पूरा परिसर "मां जसोल की जय" के जयघोष से गूंज उठा। शुक्ल पक्ष त्रयोदशी को जसोलधाम की परंपरा में अत्यंत पूजनीय तिथि माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन मां जसोल की विशेष कृपा भक्तों पर बरसती है और सच्ची प्रार्थनाएं पूर्ण होती हैं। समस्त मंदिरों में दर्शन एवं मंगल कामनाएं इस पावन अवसर पर जसोलधाम स्थित समस्त मंदिरों में श्रद्धालुओं की विशेष उपस्थिति रही। भक्तों ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाईसिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी एवं श्री काला-गौरा भैरूजी के मंदिरों में विधिवत पूजन-अर्चन कर श्रद्धापूर्वक दर्शन लाभ लिए। श्रद्धालुओं ने समस्त लोक-देवताओं से अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-शांति, समृद्धि, आरोग्य एवं खुशहाली की मंगल कामनाएं कीं। इस अवसर पर पुष्कर से पधारे नगाराची कलाकारों एवं स्थानीय दमामी कलाकारों ने पारंपरिक लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाएं इस विशेष अवसर पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारु दर्शन के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। प्रवेश एवं निकासी मार्गों पर लाइनिंग सिस्टम, पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों एवं स्वयंसेवकों की तैनाती, स्वच्छता, पेयजल तथा निरंतर सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था रही। अन्नपूर्णा प्रसादम का वितरण इस अवसर पर अन्नपूर्णा प्रसादम (भोजन प्रसादी) का आयोजन श्रद्धा एवं सेवा-भाव के साथ संपन्न हुआ। इस पुण्य अवसर पर भोजन प्रसादी के लाभार्थी संदीप राजपुरोहित सुपुत्र भीमराज राजपुरोहित, निवासी सांथु, जिला जालोर (हाल निवासी बेंगलुरु) रहे। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर मां जसोल का आशीर्वाद प्राप्त किया। शाम की आरती का होगा लाइव प्रसारण शाम को होने वाली मां जसोल की आरती का अब लाइव प्रसारण किया जाएगा, जिसके माध्यम से देश-विदेश में निवासरत मां जसोल के असंख्य भक्त अपने-अपने स्थानों से ही पावन दर्शन का लाभ लेकर आध्यात्मिक अनुभूति से जुड़ सकेंगे।

