हनुमानगढ़ में मावठ की पहली फुहार:हल्की बारिश से रबी फसलों को फायदा, तापमान में गिरावट
हनुमानगढ़ जिले में नए साल की शुरुआत के साथ ही सर्दी की पहली मावठ दर्ज की गई। देर रात से सुबह तक हुई हल्की बूंदाबांदी और फुहारों ने मौसम का मिजाज बदल दिया। बारिश के बाद क्षेत्र में हल्का कोहरा और ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे सर्दी का असर बढ़ गया है। यह बारिश रबी फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। मौसम वेबसाइटों के अनुसार, जिले में न्यूनतम तापमान 7-10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। अगले 3-4 दिनों में न्यूनतम तापमान में एक-दो डिग्री की और गिरावट आ सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बादल छाए रहने के भी संकेत हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बादल, हल्की बारिश और धुंध की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दियों में हुई यह हल्की से मध्यम बारिश गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलों के लिए बेहद उपयोगी है। इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और अगली सिंचाई की आवश्यकता 8-10 दिनों के लिए टल जाएगी। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है, वहां वे फिलहाल अतिरिक्त सिंचाई से बचें और खेतों में पानी जमा न होने दें। बारिश और धुंध के कारण सुबह के समय दृश्यता (विजिबिलिटी) कम रही। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों तक तड़के और रात में हल्की से मध्यम धुंध रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। इसे देखते हुए लोगों से धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की गई है।
हनुमानगढ़ जिले में नए साल की शुरुआत के साथ ही सर्दी की पहली मावठ दर्ज की गई। देर रात से सुबह तक हुई हल्की बूंदाबांदी और फुहारों ने मौसम का मिजाज बदल दिया। बारिश के बाद क्षेत्र में हल्का कोहरा और ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे सर्दी का असर बढ़ गया है। य
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मौसम वेबसाइटों के अनुसार, जिले में न्यूनतम तापमान 7-10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। अगले 3-4 दिनों में न्यूनतम तापमान में एक-दो डिग्री की और गिरावट आ सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बादल छाए रहने के भी संकेत हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बादल, हल्की बारिश और धुंध की स्थिति बनी रहने का अनुमान है।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दियों में हुई यह हल्की से मध्यम बारिश गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलों के लिए बेहद उपयोगी है। इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और अगली सिंचाई की आवश्यकता 8-10 दिनों के लिए टल जाएगी। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है, वहां वे फिलहाल अतिरिक्त सिंचाई से बचें और खेतों में पानी जमा न होने दें।
बारिश और धुंध के कारण सुबह के समय दृश्यता (विजिबिलिटी) कम रही। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों तक तड़के और रात में हल्की से मध्यम धुंध रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। इसे देखते हुए लोगों से धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की गई है।