खंडेलवाल वैश्य समिति की बैठक में धर्मशाला निर्माण, समाज सुधारपर चर्चा
भास्कर न्यूज | सवाई माधोपुर खंडेलवाल वैश्य समिति की ओर से सीमेंट फैक्ट्री स्थित श्री मंशापूर्ण हनुमान जी मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में समाज सुधार से जुड़े विभिन्न विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया तथा समाज की एकजुटता को और अधिक मजबूत करने पर बल दिया गया। बैठक का मुख्य एजेंडा जीनपुर स्थित समाज की खरीदी गई भूमि पर प्रस्तावित धर्मशाला निर्माण को लेकर रहा। इस दौरान धर्मशाला के स्वरूप, आवश्यक सुविधाओं, भविष्य की जरूरतों और निर्माण प्रक्रिया को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि धर्मशाला का निर्माण समाज के लिए एक स्थायी धरोहर साबित होगा, जिससे सामाजिक, धार्मिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए एक उपयुक्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही समाज के बाहर से आने वाले अतिथियों और जरूरतमंद लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। समिति अध्यक्ष डॉ. गोपाल लाल खूंटेटा ने अपने संबोधन में समाज की एकजुटता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि संगठित समाज ही विकास की दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सामूहिक कार्यों में सहभागिता निभानी चाहिए, तभी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। डॉ. खूंटेटा ने समाज सुधार की दिशा में युवाओं और महिलाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि आने वाली पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। बैठक में महिला मंडल की सदस्याओं की भी सक्रिय उपस्थिति रही। महिला मंडल की ओर से समाज में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के सुझाव रखे गए। महिला सदस्यों ने समाज के कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने और सामाजिक गतिविधियों में उनकी भूमिका को और सशक्त बनाने की बात कही। कार्यक्रम में समिति के संरक्षक राधेश्याम बढ़ाया, सत्यनारायण केदावत, कैलाश पितलिया, हनुमान प्रसाद खूंटेटा, वेदप्रकाश राजोरिया, सुरेंद्र सेठी, वेद प्रकाश दुसाद, जगदीश पितलिया, पवन कुमार, दीपक माचीवाल, ज्ञानेंद्र नेनीवाल, धनराज बंब, विनोद बढ़ाया सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने विचार रखते हुए समाज हित में मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि धर्मशाला निर्माण के लिए आवश्यक रूपरेखा तैयार कर शीघ्र ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए समाज के सभी वर्गों से सहयोग लेने पर सहमति बनी। अंत में हनुमान जी मंदिर में दर्शन कर समाज की उन्नति, सुख-समृद्धि और एकता के लिए प्रार्थना की गई।