कोटा में हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा गिरफ्तार:दबिश के दौरान पुलिस पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में लगी गोली, तीन बंदूक जब्त
कोटा ग्रामीण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सांगोद और मोड़क थाना ग्रामीण, डीएसटी, स्पेशल टीम पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। मुठभेड़ के दौरान आदिल मिर्जा की ओर से पुलिस पर फायरिंग की गई, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस क्रॉस फायरिंग में आदिल मिर्जा के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके पर ही काबू में ले लिया। मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर के पैर में लगी गोली ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि आदिल मिर्जा के इलाके में होने की सूचना पर पुलिस ने रणनीति के तहत पूरे क्षेत्र को घेर लिया और उसे सरेंडर करने के लिए कहा गया। हालांकि, पुलिस की अपील के बावजूद आदिल मिर्जा ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर फायरिंग कर दी। हालात को देखते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के बाद घायल आदिल मिर्जा को पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है। वहीं, उसके तीन अन्य साथियों को भी पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया है। बदमाशों के पास से तीन देसी कट्टे, एक पिस्टल और 16 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब हथियारों की सप्लाई और नेटवर्क को लेकर भी जांच कर रही है। एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान आदिल मिर्जा के कुछ साथी मौके से फरार हो गए थे, जिनकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। यह भी जांच की जा रही है कि फरारी के दौरान किन लोगों ने बदमाशों को शरण दी और किसने उन्हें हथियार उपलब्ध कराए। शाम को रामगंज मंडी हॉस्पिटल से तीनों बदमाशों को कोटा के एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे जहां पर डॉक्टरों ने इलाज किया इस दौरान तीनों बदमाश दर्द से रोते नजर आए। ग्रामीण एसपी ने बताया कि आदिल मिर्जा पर 25 पैसे का इनाम घोषित था। 34केस हैं दर्ज गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार रात सांगोद इलाके में भी आदिल मिर्जा को पकड़ने गई पुलिस टीम पर उसने फायरिंग की थी और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था। कैथूनीपोल थाना क्षेत्र में हुई एक पुरानी गोलीबारी की घटना के बाद से वह फरार चल रहा था। आदिल मिर्जा पर लूट, डकैती, अपहरण और हत्या सहित करीब 34 संगीन मुकदमे दर्ज हैं।