नागौर के पूर्व सांसद भानुप्रकाश मिर्धा पंचतत्व में विलीन हुए
जोधपुर | दिग्गज किसान नेता स्व. नाथूराम मिर्धा के बेटे और नागौर के पूर्व सांसद भानुप्रकाश मिर्धा पंचतत्व में विलीन हो गए। शुक्रवार दोपहर को जोधपुर स्थित मिर्धा फार्म पर उनका सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे मनीष मिर्धा ने उन्हें मुखाग्नि दी। भानुप्रकाश मिर्धा का कल (गुरुवार) सुबह निधन हो गया था। उन्होंने अपने ही चाचा को हराकर पहली बार नागौर में कमल खिलाया था। मनीष मिर्धा के मुताबिक भानु प्रकाश मिर्धा ने गुरुवार सुबह करीब 10:45 बजे 72 साल की उम्र में अपने निवास पर ही अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। बता दें कि चुनाव में उन्होंने अपने ही चाचा और कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री रामनिवास मिर्धा को हराया था। इसे लेकर उस समय प्रदेश की राजनीति में बड़ी चर्चा हुई थी। वे मूल रूप से नागौर के रहने वाले थे और लंबे समय तक किसान और ग्रामीण हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय राजनीति में रहे। हालांकि, बाद में वे सक्रिय राजनीति से थोड़ा दूर हो गए थे। वहीं शुक्रवार को पारिवारिक सदस्यों में ज्योति मिर्धा, प्रेमप्रकाश, रिछपाल मिर्धा, भूराराम, तेजपाल, विजयपाल मिर्धा सहित परिवार के सदस्य जोधपुर स्थित मिर्धा फार्म पर मौजूद रहे। नागौर के पूर्व सांसद एवं किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी भी उन्हें श्रद्धांजलि देने यहां पहुंचे।
जोधपुर | दिग्गज किसान नेता स्व. नाथूराम मिर्धा के बेटे और नागौर के पूर्व सांसद भानुप्रकाश मिर्धा पंचतत्व में विलीन हो गए। शुक्रवार दोपहर को जोधपुर स्थित मिर्धा फार्म पर उनका सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे मनीष मिर्धा ने उन्हें मुखाग्
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भानुप्रकाश मिर्धा का कल (गुरुवार) सुबह निधन हो गया था। उन्होंने अपने ही चाचा को हराकर पहली बार नागौर में कमल खिलाया था। मनीष मिर्धा के मुताबिक भानु प्रकाश मिर्धा ने गुरुवार सुबह करीब 10:45 बजे 72 साल की उम्र में अपने निवास पर ही अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। बता दें कि चुनाव में उन्होंने अपने ही चाचा और कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री रामनिवास मिर्धा को हराया था। इसे लेकर उस समय प्रदेश की राजनीति में बड़ी चर्चा हुई थी। वे मूल रूप से नागौर के रहने वाले थे और लंबे समय तक किसान और ग्रामीण हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय राजनीति में रहे।
हालांकि, बाद में वे सक्रिय राजनीति से थोड़ा दूर हो गए थे। वहीं शुक्रवार को पारिवारिक सदस्यों में ज्योति मिर्धा, प्रेमप्रकाश, रिछपाल मिर्धा, भूराराम, तेजपाल, विजयपाल मिर्धा सहित परिवार के सदस्य जोधपुर स्थित मिर्धा फार्म पर मौजूद रहे। नागौर के पूर्व सांसद एवं किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी भी उन्हें श्रद्धांजलि देने यहां पहुंचे।