डिप्टी-सीएम बोले- कांग्रेस ने भी बदला था मनरेगा का नाम:पहले जवाहर योजना हुआ करता था; कहा- पहले से ज्यादा दिन रोजगार मिलेगा
डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि हमने कई पीढ़ियों तक अन्याय, अभाव और उपेक्षा को सहा है। एक युवा ने कुछ बातें बताई कि समाज के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। लेकिन यह बात देखकर भी गर्व होता है कि हमारा समाज शिकायतों से ऊपर उठकर शिक्षा रुपी समाधान की ओर बढ़ रहा है। वे दौसा के लालसोट रोड स्थित बैरवा छात्रावास में आयोजित स्नेह मिलन व प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। बैरवा ने कहा कि बाबा साहब का संपूर्ण जीवन समतामूलक समाज की स्थापना व लोक-कल्याण के लिए समर्पित रहा है। लोकतांत्रिक चेतना से दीप्त उनका महान जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी शिक्षा एवं जीवन के संघर्षों के बारे में बताया कि बाबा साहब विश्व में मानवता के प्रेरणास्रोत हैं। हम सभी को उनके आदर्शों, विचारों को जीवन में आत्मसात करना चाहिए। बोले- कोई काम हो तो मेरे पास आइए बैरवा ने कहा कि बाबा साहब ने शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो का मंत्र दिया था, जिसे हमें याद रखना चाहिए। बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन शिक्षा के प्रसार, सामाजिक भेदभाव के अंत और वंचितों के सशक्तिकरण को समर्पित किया। यदि समाज के किसी व्यक्ति का कोई काम हो तो मेरे पास आइए, उसका समाधान करूंगा। कांग्रेस ने भी बदला था मनरेगा का नाम वहीं मनरेगा का नाम बदलने के सवाल पर कहा कि कांग्रेस के वक्त मनरेगा का नाम जवाहर रोजगार योजना था, बाद में कांग्रेस ने ही उसे बदलकर महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना कर दिया था। जिसमें कई कमियां थी उनमें और सुधार करते हुए नाम परिवर्तित किया गया है, इससे पहले से ज्यादा दिन रोजगार मिलेगा। कार्यक्रम को सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल, दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा, कॉलेज शिक्षा आयुक्त ओमप्रकाश बैरवा, पूर्व विधायक नंदलाल बंशीवाल, छात्रावास समिति अध्यक्ष बलवीर बंशीवाल, रोहित बंशीवाल, जिलाध्यक्ष बाबूलाल टोरडा ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान डॉ. कल्याण सहाय बैरवा, एडवोकेट रवि सिकराय, हनुमान पांचोली समेत कई लोग मौजूद रहे।
डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि हमने कई पीढ़ियों तक अन्याय, अभाव और उपेक्षा को सहा है। एक युवा ने कुछ बातें बताई कि समाज के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। लेकिन यह बात देखकर भी गर्व होता है कि हमारा समाज शिकायतों से ऊपर उठकर शिक्षा रुपी समाधान की ओर बढ़ रहा है। वे दौसा के लालसोट रोड स्थित बैरवा छात्रावास में आयोजित स्नेह मिलन व प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। बैरवा ने कहा कि बाबा साहब का संपूर्ण जीवन समतामूलक समाज की स्थापना व लोक-कल्याण के लिए समर्पित रहा है। लोकतांत्रिक चेतना से दीप्त उनका महान जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी शिक्षा एवं जीवन के संघर्षों के बारे में बताया कि बाबा साहब विश्व में मानवता के प्रेरणास्रोत हैं। हम सभी को उनके आदर्शों, विचारों को जीवन में आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो का मंत्र दिया था, जिसे हमें याद रखना चाहिए। बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन शिक्षा के प्रसार, सामाजिक भेदभाव के अंत और वंचितों के सशक्तिकरण को समर्पित किया। यदि समाज के किसी व्यक्ति का कोई काम हो तो मेरे पास आइये, उसका समाधान करूंगा। कांग्रेस ने भी बदला था मनरेगा का नाम वहीं मनरेगा का नाम बदलने के सवाल पर कहा कि कांग्रेस के वक्त मनरेगा का नाम जवाहर रोजगार योजना था, बाद में कांग्रेस ने ही उसे बदलकर महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना कर दिया था। जिसमें कई कमियां थी उनमें और सुधार करते हुए नाम परिवर्तित किया गया है, इससे पहले से ज्यादा दिन रोजगार मिलेगा। कार्यक्रम को सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल, दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा, कॉलेज शिक्षा आयुक्त ओमप्रकाश बैरवा, पूर्व विधायक नंदलाल बंशीवाल, छात्रावास समिति अध्यक्ष बलवीर बंशीवाल, रोहित बंशीवाल, जिलाध्यक्ष बाबूलाल टोरडा ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान डॉ. कल्याण सहाय बैरवा, एडवोकेट रवि सिकराय, हनुमान पांचोली समेत कई लोग मौजूद रहे।