बाढ़ वाले हनुमान मंदिर के रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग
तहसील बरनाला क्षेत्र के ग्राम बरनाला स्थित प्रसिद्ध बाढ़ वाले हनुमान मंदिर जाने वाले मुख्य सार्वजनिक मार्ग पर प्रभावशाली लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि बरनाला से मंदिर तक मात्र दो किलोमीटर का मुख्य सार्वजनिक रास्ता है, लेकिन इस पर किए गए अतिक्रमण के कारण मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। इससे ग्रामीणों को मंदिर जाने के लिए सुंदरी गांव होकर करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग पहले लगभग 25 फीट चौड़ा सार्वजनिक रास्ता था, जिस पर अब अवैध कब्जा कर लिया गया है। इसके चलते श्रद्धालुओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से मंगलवार, शनिवार और धार्मिक आयोजनों के दौरान आवागमन बेहद कठिन हो जाता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सार्वजनिक मार्ग से पूरा अतिक्रमण हटाया जाए तथा मोरम मिट्टी डलवाकर दोनों ओर नालियों का निर्माण करते हुए सड़क को ऊंचा कर पक्का रास्ता तैयार किया जाए, ताकि बरसात के समय भी आवागमन सुचारु रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने को लेकर पूर्व में कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
तहसील बरनाला क्षेत्र के ग्राम बरनाला स्थित प्रसिद्ध बाढ़ वाले हनुमान मंदिर जाने वाले मुख्य सार्वजनिक मार्ग पर प्रभावशाली लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने
.
इसके चलते श्रद्धालुओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से मंगलवार, शनिवार और धार्मिक आयोजनों के दौरान आवागमन बेहद कठिन हो जाता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सार्वजनिक मार्ग से पूरा अतिक्रमण हटाया जाए तथा मोरम मिट्टी डलवाकर दोनों ओर नालियों का निर्माण करते हुए सड़क को ऊंचा कर पक्का रास्ता तैयार किया जाए, ताकि बरसात के समय भी आवागमन सुचारु रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने को लेकर पूर्व में कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।