अजमेर में चाइनीज मांझे में दौड़ा करंट, दो बच्चे झुलसे:बचाने आई मां और दादी भी चपेट में आई; चारों को सावर हॉस्पिटल से केकड़ी रेफर किया
अजमेर जिले के चितिवास गांव में पतंग की डोर (चाइनीज मांझा) में करंट दौड़ने से एक ही परिवार के चार लोग झुलस गए। हादसा मकान की छत पर शाम करीब साढ़े चार बजे उस समय हुआ जब दो बच्चे पतंग उठा रहे थे। पतंग की डोर पास से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन से टकरा गई। जिससे डोर में करंट दौड़ गया। दोनों बच्चों के चिल्लाने पर बचाने आई मां और उनकी दादी भी चपेट में आ गई। चारों को सावर हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद केकड़ी रेफर कर दिया गया है। हेमंत कुमार के पिता कैलाश रैगर ने बताया कि सावर के पास चितिवास गांव में रूपेश पुत्र रामलाल रैगर (15), हेमंत कुमार रैगर पुत्र कैलाश रैगर (12) मकान की छत पर पतंग उड़ा रहे थे। इसी दौरान पतंग की डोर (मांझा) में करंट दौड़ गया। दोनों बच्चे चिल्लाए तो बच्चों को बचाने के लिए उनकी मां चांदू देवी पत्नी रामलाल रैगर (35) और दादी पानी देवी पत्नी गुदड़ रैगर (45) पतंग की डोर छुड़ाने पहुंचीं, लेकिन वे दोनों भी करंट की चपेट में आ गई। हादसे के बाद ग्रामीणों ने तुरंत डिस्कॉम को सूचना देकर बिजली सप्लाई बंद करवाई और चारों को सावर के राजकीय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। डॉक्टर्स ने प्राथमिक उपचार के बाद चारों को केकड़ी जिला हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने आबादी क्षेत्र से गुजर रही हाई वोल्टेज बिजली लाइनों को हटाने या सुरक्षा उपाय करने की मांग की है। सावर डिस्कॉम के कनिष्ठ अभियंता सुभाष मीणा ने बताया कि पतंग का मांझा लौह धातु से लेपित था। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली लाइन की ऊंचाई नियमानुसार सही थी। मीणा ने सलाह दी कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए पतंग के मांझे का चुनाव सावधानीपूर्वक करना चाहिए। देखिए सावर हॉस्पिटल की फोटोज (इनपुट- बसंत माली) ये खबर भी पढ़िए नागौर में चाइनीज मांझे से होने लगे हादसे:बच्चे की उंगली कटी, युवक की गर्दन पर घाव हुआ; पुलिस बोली- उपयोग और बेचने वालों पर करेंगे कार्रवाई मकर संक्रांति के त्योहार पर चाइनीज मांझे को लेकर प्रशासन सख्त है। धारदार चाइनीज मांझे के कारण लगातार बढ़ रहे हादसों के बाद प्रशासन ने इस पर बैन लगा दिया है, वहीं पतंगबाजी का समय भी निर्धारित कर दिया गया है। (पढ़िए पूरी खबर)