वन विभाग की कार्रवाई, माइनिंग एसोसिएशन ने जताया विरोध
गत दिवस गंगापुरसिटी क्षेत्र में राजस्व, खनिज, परिवहन, पुलिस एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की गई कार्रवाई पर माइनिंग एसोसिएशन ने विरोध जताते हुए उच्च स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की है। जानकारी के गत दिवस अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोकथाम को लेकर राजस्व, खनिज, परिवहन, पुलिस एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए पत्थरों से भरे डंपर एवं मोरम से भरी एक ट्रॉली को ट्रेक्टर सहित जप्त किया था। जहां वन विभाग के अधिकारी इस कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं, वहीं लीज धारक इस कार्रवाई को गलत ठहराते हुए विरोध कर रहे हैं। लीज धारक के अनुसार 8 जनवरी को माइनिंग लीज क्षेत्र खड़े एक डंपर पर पहले परिवहन विभाग द्वारा कार्रवाई की। इसके बाद वन विभाग द्वारा डंपर को अपने कब्जे में लेकर भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। माइनिंग लीज धारक पक्ष का कहना है कि डंपर पूरी तरह स्वीकृत माइनिंग लीज सीमा में खड़ा था। खनिज का कोई डिस्पैच नहीं हुआ था। डंपर में भरे पत्थर वन क्षेत्र से संबंधित नहीं है। आसपास फॉरेस्ट की जमीन नहीं है। ऐसी स्थिति में वन अधिनियम के अंतर्गत की गई कार्रवाई नियमों के विपरीत एवं अधिकार क्षेत्र से बाहर है। खनन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि वैध माइनिंग लीज क्षेत्र के भीतर भी वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी, तो खनन उद्योग में अनावश्यक बाधा उत्पन्न होगी और वैध पट्टाधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस मामले को लेकर संबंधित माइनिंग एसोसिएशन द्वारा उच्च स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की जा रही है। अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम को लेकर संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई थी। मौके पर डंपर चालक व ट्रेक्टर ट्रॉली चालक के पास न तो रवन्ना था न टीपी (ट्राजिंट पास) था। धर्मवीर सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी गंगापुरसिटी
गत दिवस गंगापुरसिटी क्षेत्र में राजस्व, खनिज, परिवहन, पुलिस एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की गई कार्रवाई पर माइनिंग एसोसिएशन ने विरोध जताते हुए उच्च स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की है। जानकारी के गत दिवस अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोकथाम को लेक
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लीज धारक के अनुसार 8 जनवरी को माइनिंग लीज क्षेत्र खड़े एक डंपर पर पहले परिवहन विभाग द्वारा कार्रवाई की। इसके बाद वन विभाग द्वारा डंपर को अपने कब्जे में लेकर भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। माइनिंग लीज धारक पक्ष का कहना है कि डंपर पूरी तरह स्वीकृत माइनिंग लीज सीमा में खड़ा था। खनिज का कोई डिस्पैच नहीं हुआ था। डंपर में भरे पत्थर वन क्षेत्र से संबंधित नहीं है। आसपास फॉरेस्ट की जमीन नहीं है। ऐसी स्थिति में वन अधिनियम के अंतर्गत की गई कार्रवाई नियमों के विपरीत एवं अधिकार क्षेत्र से बाहर है।