श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन का आठवां स्थापना दिवस मनाया:पूर्व सांसद जैन बोले–सेवा, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना से ही समाज को जोड़ा जा सकता है
श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन का आठवां स्थापना दिवस रविवार शाम को शहर के नया गांव रोड स्थित एक होटल में मनाया गया। इस मौके सेमिनार आयोजित किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य सतोगुणी जातिय भाव के पॉइंट पर रखा गया। इसमें जाति भारतीय समाज की एक सच्चाई है, इसे पूरी तरह मिटाया नहीं जा सकता। जातिवाद गलत सोच है, जो समाज को तोड़ती है, इसे खत्म करना जरूरी है। जैसे विचार वक्ताओं ने रखे। उन्होंने कहा कि जब जाति के नाम पर घमंड, नफरत, भेदभाव और राजनीति होती है तब वही जातिवाद बन जाता है। उन्होंने कहा कि जाति नहीं, जातिवाद गलत है। सोच बदलनी है, समाज बचाना है। संगठन का उद्देश्य सेवा और राष्ट्रहित होना चाहिए। कार्यक्रम में सभी समाज के लोगों ने जाती बनाम जातिवाद पर अपने सकारात्मक विचार रखे। पूर्व सांसद पुष्प जैन ने कहा कि जाति से समाज का विघटन नहीं होता है। जातिवाद से समाज में विकृति होती है। इस विचार गोष्ठी में मूल सिंह भाटी पूर्व उपसभापति नगर निगम, त्रिलोक चौधरी, शिवराम जाट, भंवर राव, नवल किशोर रावल, महेश अवस्थी, राकेश परिहार, लूणसिंह सिंह राजपुरोहित, यशपाल सिंह हेमावास, मुकेश गोस्वामी, अशोक शर्मा, गजेंद्र सिंह मगरतालाब, नरपत सिंह गिरादडा, प्रताप सिंह निम्बली उड़ा, भगवान सिंह निम्बली उड़ा, सुल्तान सिंह मानपुरा, तेज सिंह खरिया सोढ़ा, नरेन्द्र सिंह बधाल, पर्वत सिंह भुनास, विक्रम सिंह भीटवाडा, महिपाल सिंह खुनीगुड़ा, मोहब्बत सिंह धींगाना, हीर सिंह लोड़ता, ओम सिंह खरिया सोढ़ा, कुंदन सिंह खेरवा, मनोहर सिंह निम्बली उड़ा, रूपेन्द्र सिंह, जितंद्र सिंह चेडा, शूरवीर सिंह खिन्दर, नरेन्द्र सिंह पावा, कुलदीप सिंह मगरतालाब, अजय पाल सिंह गुड़ा पृथ्वीराज, दिग्विजय सिंह कोलिवाड़ा सहित कई जने मौजूद रहे।
श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन का आठवां स्थापना दिवस रविवार शाम को शहर के नया गांव रोड स्थित एक होटल में मनाया गया। इस मौके सेमिनार आयोजित किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य सतोगुणी जातिय भाव के पॉइंट पर रखा गया। इसमें जाति भारतीय समाज की एक सच्चाई है, इसे पूरी तरह मिटाया नहीं जा सकता। जातिवाद गलत सोच है, जो समाज को तोड़ती है, इसे खत्म करना जरूरी है। जैसे विचार वक्ताओं ने रखे। उन्होंने कहा कि जब जाति के नाम पर घमंड, नफरत, भेदभाव और राजनीति होती है तब वही जातिवाद बन जाता है। उन्होंने कहा कि जाति नहीं, जातिवाद गलत है। सोच बदलनी है, समाज बचाना है। संगठन का उद्देश्य सेवा और राष्ट्रहित होना चाहिए। कार्यक्रम में सभी समाज के लोगों ने जाती बनाम जातिवाद पर अपने सकारात्मक विचार रखे। पूर्व सांसद पुष्प जैन ने कहा कि जाति से समाज का विघटन नहीं होता है। जातिवाद से समाज में विकृति होती है। इस विचार गोष्ठी में मूल सिंह भाटी पूर्व उपसभापति नगर निगम, त्रिलोक चौधरी, शिवराम जाट, भंवर राव, नवल किशोर रावल, महेश अवस्थी, राकेश परिहार, लूणसिंह सिंह राजपुरोहित, यशपाल सिंह हेमावास, मुकेश गोस्वामी, अशोक शर्मा, गजेंद्र सिंह मगरतालाब, नरपत सिंह गिरादडा, प्रताप सिंह निम्बली उड़ा, भगवान सिंह निम्बली उड़ा, सुल्तान सिंह मानपुरा, तेज सिंह खरिया सोढ़ा, नरेन्द्र सिंह बधाल, पर्वत सिंह भुनास, विक्रम सिंह भीटवाडा, महिपाल सिंह खुनीगुड़ा, मोहब्बत सिंह धींगाना, हीर सिंह लोड़ता, ओम सिंह खरिया सोढ़ा, कुंदन सिंह खेरवा, मनोहर सिंह निम्बली उड़ा, रूपेन्द्र सिंह, जितंद्र सिंह चेडा, शूरवीर सिंह खिन्दर, नरेन्द्र सिंह पावा, कुलदीप सिंह मगरतालाब, अजय पाल सिंह गुड़ा पृथ्वीराज, दिग्विजय सिंह कोलिवाड़ा सहित कई जने मौजूद रहे।