दिगंबर जैन मंदिर में शांतिनाथ विधान मंडल का पूजन किया
कासं | सवाईमाधोपुर सकल दिगंबर जैन समाज के धर्मावलंबियों ने जगत कल्याण की कामनार्थ शनिवार को शांतिनाथ विधान मंडल का पूजन किया। समाज के प्रवक्ता प्रवीण जैन ने बताया कि राजनगर स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में समाज के उपाध्यक्ष दिनेश चंद जैन श्रीमाल के संयोजन एवं मनोज जैन श्रीमाल के मंत्रोच्चार के बीच जिनेंद्र भक्तों ने अशुभ कर्मों की निर्जरा, शुभ कर्मों के आस्रव व रजत कलशों से जिनाभिषेक किया। अशोक जैन श्रीमाल व योगेन्द्र पांड्या ने जगत कल्याण की कामनार्थ प्रभु चरणों में शांतिधारा प्रवाहित कर जिनेंद्र देव को चंवर ढुलाए। पदम चंद जैन श्रीमाल व सपना जैन के मंत्रोच्चार के बीच शांतिनाथ विधान मंडल का अष्ट द्रव्यों से पूजन कर मंडल पर 120 अर्घ्य समर्पित किए और प्राणी मात्र के प्रति दया भाव रखने का संदेश दिया। इससे पूर्व मंडल पर मंगल कलशों व दीपक की विधिवत स्थापना की गई। पूजन के दौरान नीरू जैन, निर्मला जैन, पदमा जैन, माया जैन, हेमलता जैन व रुचि जैन ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत कर पूजार्थियों को भाव विभोर कर दिया, जिससे जिनालय भक्ति के रंग से सराबोर हो गया। महाअर्घ्य समर्पण, शांतिपाठ व विसर्जन विधि के साथ संपन्न पूजनोपरांत भगवान शांतिनाथ की आरती उतारी गई। इस अवसर पर धर्मनिष्ट महिला-पुरुष मौजूद रहे।
.
सकल दिगंबर जैन समाज के धर्मावलंबियों ने जगत कल्याण की कामनार्थ शनिवार को शांतिनाथ विधान मंडल का पूजन किया। समाज के प्रवक्ता प्रवीण जैन ने बताया कि राजनगर स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में समाज के उपाध्यक्ष दिनेश चंद जैन श्रीमाल के संयोजन एवं मनोज जैन श्रीमाल के मंत्रोच्चार के बीच जिनेंद्र भक्तों ने अशुभ कर्मों की निर्जरा, शुभ कर्मों के आस्रव व रजत कलशों से जिनाभिषेक किया। अशोक जैन श्रीमाल व योगेन्द्र पांड्या ने जगत कल्याण की कामनार्थ प्रभु चरणों में शांतिधारा प्रवाहित कर जिनेंद्र देव को चंवर ढुलाए। पदम चंद जैन श्रीमाल व सपना जैन के मंत्रोच्चार के बीच शांतिनाथ विधान मंडल का अष्ट द्रव्यों से पूजन कर मंडल पर 120 अर्घ्य समर्पित किए और प्राणी मात्र के प्रति दया भाव रखने का संदेश दिया।
इससे पूर्व मंडल पर मंगल कलशों व दीपक की विधिवत स्थापना की गई। पूजन के दौरान नीरू जैन, निर्मला जैन, पदमा जैन, माया जैन, हेमलता जैन व रुचि जैन ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत कर पूजार्थियों को भाव विभोर कर दिया, जिससे जिनालय भक्ति के रंग से सराबोर हो गया। महाअर्घ्य समर्पण, शांतिपाठ व विसर्जन विधि के साथ संपन्न पूजनोपरांत भगवान शांतिनाथ की आरती उतारी गई। इस अवसर पर धर्मनिष्ट महिला-पुरुष मौजूद रहे।