मनरेगा का नाम बदलने से नाराज कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन आज
कासं|सवाईमाधोपुर महात्मा गांधी मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में जिला कांग्रेस द्वारा रविवार को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही 29 जनवरी तक विभिन्न तरीकों से विरोध जताया जाएगा। यह जानकारी सर्किट हाऊस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष व बामनवास विधायक इंदिरा मीना ने दी। इस मौके पर एआईसीसी सचिव दानिश अबरार, कांग्रेस जिला संगठन प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज सहित कांग्रेस के पूर्व पदाधिकारी मौजूद रहे। मीडिया से रूबरू होते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष और बामनवास विधायक मीणा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म कर जी राम जी को लाया गया है। यूपीए सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम मनरेगा द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में गुजर बसर करने वाले मजदूरों को बदस्तूर 100 दिन का रोजगार मिल रहा था। अब केंद्र सरकार ने मनरेगा पर वार करते हुए तथा ग्रामीण क्षेत्र में गुजर बसर का जरिया छीन कर इसे जीरामजी अधिनियम करने के दौरान ही संपूर्ण स्वरूप बदला जा रहा है। इससे ग्रामीणों की रीढ़ की हड्डी टूट कर रह जाएगी। उन्होंने बताया कि यह मजदूर के दमन का कारण बनेगा। मनरेगा के कारण ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति जो की सुदृढ़ बनी हुई थी अब सीधे तौर पर उन्हें बेरोजगार करने की मंशा केंद्र सरकार की नजर आ रही है। अब इस रोजगार अधिनियम के तहत केंद्र सरकार ही गांव के विकास का ढांचा व इसका प्रारूप तय करेगी, जिसके तहत ही मजदूरों को कार्य करना होगा। साथ ही 40 प्रतिशत मजदूरी राज्य सरकार वहन करेगी। इसके अतिरिक्त 60 प्रतिशत मजदूरी का हिस्सा केंद्र सरकार जारी करेगी।
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महात्मा गांधी मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में जिला कांग्रेस द्वारा रविवार को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही 29 जनवरी तक विभिन्न तरीकों से विरोध जताया जाएगा। यह जानकारी सर्किट हाऊस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष व बामनवास विधायक इंदिरा मीना ने दी। इस मौके पर एआईसीसी सचिव दानिश अबरार, कांग्रेस जिला संगठन प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज सहित कांग्रेस के पूर्व पदाधिकारी मौजूद रहे।
मीडिया से रूबरू होते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष और बामनवास विधायक मीणा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म कर जी राम जी को लाया गया है। यूपीए सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम मनरेगा द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में गुजर बसर करने वाले मजदूरों को बदस्तूर 100 दिन का रोजगार मिल रहा था। अब केंद्र सरकार ने मनरेगा पर वार करते हुए तथा ग्रामीण क्षेत्र में गुजर बसर का जरिया छीन कर इसे जीरामजी अधिनियम करने के दौरान ही संपूर्ण स्वरूप बदला जा रहा है। इससे ग्रामीणों की रीढ़ की हड्डी टूट कर रह जाएगी।