नए साल में संकल्प लें-नैतिकता, सद्भावना रखेंगे और नशामुक्त रहेंगे
किस विषय पर क्या संदेश : युवा : युवा देश और समाज की रीढ़ हैं। यदि युवा शक्ति सही दिशा में कार्य करे तो राष्ट्र का निर्माण सशक्त रूप से हो सकता है। व्यक्ति के सुधार की शुरुआत स्वयं से होती है। नववर्ष के लिए युवाओं को संयम और श्रम का मंत्र रखना चाहिए। भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय, पुरुषार्थ मेहनत पर विश्वास करें। नववर्ष में आलस्य का त्याग करें। कॅरियर : सफलता का शॉर्टकट अनैतिकता नहीं हो सकता। जीवन में धन कमाना आवश्यक हो सकता है, वह नीति और न्यायपूर्ण तरीके से कमाया जाना चाहिए। नए साल में संकल्प लें कि चाहे शिक्षा हो या कॅरियर, हम बेईमानी, धोखाधड़ी या गलत रास्तों का सहारा नहीं लेंगे। नैतिकता केवल किताबों का शब्द नहीं, बल्कि हमारे आचरण का हिस्सा होनी चाहिए। सोशल मीडिया : आज के दौर में जहां विचारों की भिन्नता से दूरियां बढ़ रही हैं। हृदय परिवर्तन से ही सही बदलाव आता है। जाति, धर्म या भाषा के आधार पर भेदभाव न करें। ना ही किसी भी प्रकार का कोई दंगा फसाद खड़ा करें। हिंसा और नफरत फैलाने वाले विचारों से दूर रहकर प्रेम और भाईचारे का वातावरण बनाएं। नशा मुक्ति: युवा सहित पूरा समाज नशे से मुक्त रहे। किसी भी प्रकार के नशे से बच कर रहें। अपनी यात्राओं के दौरान लाखों लोगों को नशा छोड़ने का संकल्प दिलवाया है। नशा नाश का द्वार है। यह न केवल शरीर को खोखला करता है, बल्कि परिवार और भविष्य को भी अंधकारमय बना देता है। पाली | आज से नया साल लग गया है। सभी को सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ाना है। आज के डिजिटल युग में टेक्नोलॉजी का उपयोग ज्ञान बढ़ाने के लिए करें न कि समय बर्बाद करने या मानसिक शांतिभंग करने के लिए। युवा नए वर्ष में संकल्प लें कि मैं अपने जीवन में नैतिकता को स्थान दूंगा, सबके प्रति सद्भावना रखूंगा और नशामुक्त स्वस्थ जीवन जीऊंगा। अहिंसा यात्रा के तीन मुख्य उद्देश्य भी यही हैं, जो आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रकाश स्तंभ के समान हैं। नए साल में आप कितनी धार्मिकता के साथ जीवन जी सकते हैं। कितनी आध्यात्मिकता रख सकते हैं। अच्छा कार्य करें, अच्छा चिंतन करे। शक्ति का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। आने वाला साल सभी के लिए मंगलकारी बने।
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युवा : युवा देश और समाज की रीढ़ हैं। यदि युवा शक्ति सही दिशा में कार्य करे तो राष्ट्र का निर्माण सशक्त रूप से हो सकता है। व्यक्ति के सुधार की शुरुआत स्वयं से होती है। नववर्ष के लिए युवाओं को संयम और श्रम का मंत्र रखना चाहिए। भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय, पुरुषार्थ मेहनत पर विश्वास करें। नववर्ष में आलस्य का त्याग करें।