अमरूद महोत्सव व कैलाश खैर की म्यूजिकल नाइट खास आकर्षण होंगे
जयपुर राज्य की दस निजामतों में शामिल रहे ऐतिहासिक सवाई माधोपुर शहर का 19 जनवरी को 263वां स्थापना दिवस पहली बार भव्य जश्न के रूप में मनाया जाएगा। जिला प्रशासन ने इस अवसर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम तय किए हैं। 17 से 19 जनवरी तक चलने वाले आयोजनों पर करीब 50 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। खास आकर्षण मेगा म्यूजिकल नाइट होगी, जिसमें प्रसिद्ध गायक कैलाश खैर के गीतों पर सवाई माधोपुरवासी झूमते नजर आएंगे। राज्य के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा और जिला कलेक्टर कानाराम के नवाचार के चलते पहली बार स्थापना दिवस को उत्सव का स्वरूप दिया जा रहा है। कलेक्टर कानाराम ने बताया कि स्थापना दिवस को उल्लासपूर्वक मनाने के लिए संस्कृति, विरासत, पर्यटन, खेल, पर्यावरण चेतना और जनभागीदारी को एक मंच पर लाया गया है। अमरूद व बाघ महोत्सव के तहत जिले की पहचान को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना लक्ष्य है। कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर विभागवार जिम्मेदारी तय कर साप्ताहिक मॉनिटरिंग भी की जा रही है। कलेक्टर की मंशा हर माह एक विशेष इवेंट आयोजित कर जिले को इवेंट हब के रूप में विकसित करने की है। कृषि विश्वविद्यालयों सहित आईसीएआर, कृषि विज्ञान केंद्र, एपीडा, सीआईपीएचईटी लुधियाना, सीआईएसएच लखनऊ और हिसार कृषि विश्वविद्यालय जैसे राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय संस्थानों के वैज्ञानिकों की भागीदारी भी होगी। किसानों और वैज्ञानिकों के सीधे संवाद से नई तकनीकों और समस्याओं के समाधान का अवसर मिलेगा। श्रेष्ठ अमरूद उत्पादक किसानों को सम्मानित किया जाएगा और ड्रोन तकनीक का लाइव डेमो भी दिया जाएगा। 17 जनवरी को त्रिनेत्र गणेशजी मंदिर में महाआरती, फोटो प्रदर्शनी, लाइव आर्ट कैंप, परंपरागत खेल और दीपदान कार्यक्रम होंगे। 18 जनवरी को नेचर वॉक, फुटबॉल मैच, अमरूद महोत्सव, दंगल और राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या आयोजित होगी। 19 जनवरी को शोभायात्रा, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और शाम को मेगा म्यूजिकल नाइट व आतिशबाजी के साथ समापन होगा। तीन दिन तक चलने वाला यह आयोजन सवाई माधोपुर की कला, संस्कृति, पर्यटन और कृषि गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की मजबूत पहल बनेगा। तीन दिवसीय आयोजन में राष्ट्रीय स्तर का अमरूद महोत्सव विशेष आकर्षण रहेगा। जिले में करीब 20 हजार किसान 15 हजार हैक्टेयर में अमरूद की खेती करते हैं। यहां सालाना लगभग 4 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है और 6 अरब रुपए तक का कारोबार होने का आकलन है। अमरूद महोत्सव में 225 स्टॉलें लगेंगी, जिनमें अमरूद की विभिन्न किस्में, प्रसंस्करण उत्पाद, पौधे, स्मार्ट फार्मिंग मॉडल, जैविक व प्राकृतिक खेती, हाईटेक बागवानी, पशुधन गतिविधियां, कृषि स्टार्टअप, एफपीओ और कृषि यंत्रीकरण का लाइव प्रदर्शन होगा। रोजाना 10 हजार से अधिक किसानों की सहभागिता संभावित है।