जिसकी लगन तीव्र होती है, उसे स्वतः ही ज्ञान, शब्दों का संस्कार प्राप्त हो जाता
भास्कर न्यूज | नागौर हाउसिंग बोर्ड स्थित विश्वेश्वर महादेव मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिवस व्यासपीठ से संत हरी शरण महाराज ने श्रीकृष्ण और गोपियों की रासलीला का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जिसकी लगन तीव्र होती है, उसे स्वतः ही ज्ञान और शब्दों का संस्कार प्राप्त हो जाता है। श्रीकृष्ण की मधुर बांसुरी की धुन सुनकर गोपियां भावविभोर हो गईं। इसी प्रसंग में उन्होंने उस घटना का उल्लेख किया, जब एक गोपी ने बछड़े के स्थान पर बालक को उठा लिया। संत ने बताया कि भगवान गुणों को नहीं, बल्कि निष्काम भक्ति और पूर्ण समर्पण के भाव को स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शरणागत भक्तों पर ही मोहित होते हैं, जैसे नरसी और द्रौपदी पर हुए।
भास्कर न्यूज | नागौर हाउसिंग बोर्ड स्थित विश्वेश्वर महादेव मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिवस व्यासपीठ से संत हरी शरण महाराज ने श्रीकृष्ण और गोपियों की रासलीला का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जिसकी लगन तीव्र होती है, उसे स्वतः ही
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इसी प्रसंग में उन्होंने उस घटना का उल्लेख किया, जब एक गोपी ने बछड़े के स्थान पर बालक को उठा लिया। संत ने बताया कि भगवान गुणों को नहीं, बल्कि निष्काम भक्ति और पूर्ण समर्पण के भाव को स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शरणागत भक्तों पर ही मोहित होते हैं, जैसे नरसी और द्रौपदी पर हुए।