टोंक की बेटियों ने फतेह की पर्वत चोटी माउंट किलिमंजारो
SOURCE:Dainik Bhaskar Tech
भास्कर न्यूज | टोंक/ निवाई नए साल में टोंक जिले के लिए गौरव का एक और कारनामा जुड़ गया। जिले के निवाई और नगर गांव की दो बेटियों निधि गौतम और निवेदिता शर्मा (दोनों रिश्तेदार) ने अफ्रीकी महाद्वीप के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट किलिमंजारो की सबसे ऊंची चोटी (5,895 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी की। दोनों बेटियों ने यह कारनामा 4 देशों के 8 पर्वतारोही के साथ इस साल के पहले दिन (1 जनवरी को) को किया और चोटी पर तिरंगा फहराया। निवाई निवासी सेवानिवृत्त वरिष्ठ मेल नर्स राजेश शर्मा ने बताया कि उनकी पुत्री निधि गौतम व छोटे भाई की पत्नी गांव नगर, टोंक निवासी निवेदिता शर्मा ने गिरि प्रेमी एडवेंचर फाउंडेशन के पर्वतारोहियों के दल के साथ 5,895 मीटर की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। तंजानिया के उत्तर-पूर्वी हिस्से में, केन्या की सीमा के पास स्थित, यह 19,341 फुट ऊंची ज्वालामुखी चोटी का पर्वत माना जाता है, जो किसी पर्वत श्रृंखला का हिस्सा नहीं है। पुणे के गिरि प्रेमी एडवेंचर फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस अभियान में भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका और नीदरलैंड के आठ पर्वतारोहियों ने भाग लिया। इससे पहले डिग्गी के पास चांदसेन गांव निवासी विष्णु सैनी और अलीनगर निवासी प्रवीण भामू पिछले साल दिसम्बर में हिमालय के युकसम क्षेत्र में रेनोक एक्सपीडिशन सफलतापूर्वक पूरा किया। वे पहले स्थानीय पर्वतारोही हैं जिन्होंने इस मार्ग को जीता। 24 नवंबर से 14 दिसंबर तक चले अभियान में उन्होंने 16,500 फीट ऊंचाई, कठिन ट्रैक और प्रतिकूल मौसम का सामना किया था। जिले के युवाओं द्वारा एक माह में पर्वतारोहण के दो सफल अभियान पूरे कर जिले का मान बढ़ाया है। अनुभवी पर्वतारोही आशीष नावंधर के नेतृत्व में चारुलता पंडित, संजीव पंडित, श्वेता कुराडे, विलास तरवड़ी, निवेदिता शर्मा, नेहा सिखची और निधि गौतम ने 1 जनवरी को सुबह 8:45 बजे माउंट किलिमंजारो के लिए चढ़ाई शुरू की। खराब मौसम, ऑक्सीजन की कमी और दबाव को झेलते हुए करीब 9 घंटे की चढ़ाई के बाद उनका दल शिखर पर पहुंचा। निधि गौतम और निवेदिता शर्मा ने अपने साथ ले गई तिरंगा को फहराया। निधि और निवेदिता ने बताया कि अभियान के सभी दिनों में बर्फबारी का सामना करना पड़ा।
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नए साल में टोंक जिले के लिए गौरव का एक और कारनामा जुड़ गया। जिले के निवाई और नगर गांव की दो बेटियों निधि गौतम और निवेदिता शर्मा (दोनों रिश्तेदार) ने अफ्रीकी महाद्वीप के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट किलिमंजारो की सबसे ऊंची चोटी (5,895 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी की। दोनों बेटियों ने यह कारनामा 4 देशों के 8 पर्वतारोही के साथ इस साल के पहले दिन (1 जनवरी को) को किया और चोटी पर तिरंगा फहराया।
निवाई निवासी सेवानिवृत्त वरिष्ठ मेल नर्स राजेश शर्मा ने बताया कि उनकी पुत्री निधि गौतम व छोटे भाई की पत्नी गांव नगर, टोंक निवासी निवेदिता शर्मा ने गिरि प्रेमी एडवेंचर फाउंडेशन के पर्वतारोहियों के दल के साथ 5,895 मीटर की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। तंजानिया के उत्तर-पूर्वी हिस्से में, केन्या की सीमा के पास स्थित, यह 19,341 फुट ऊंची ज्वालामुखी चोटी का पर्वत माना जाता है, जो किसी पर्वत श्रृंखला का हिस्सा नहीं है। पुणे के गिरि प्रेमी एडवेंचर फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस अभियान में भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका और नीदरलैंड के आठ पर्वतारोहियों ने भाग लिया। इससे पहले डिग्गी के पास चांदसेन गांव निवासी विष्णु सैनी और अलीनगर निवासी प्रवीण भामू पिछले साल दिसम्बर में हिमालय के युकसम क्षेत्र में रेनोक एक्सपीडिशन सफलतापूर्वक पूरा किया। वे पहले स्थानीय पर्वतारोही हैं जिन्होंने इस मार्ग को जीता। 24 नवंबर से 14 दिसंबर तक चले अभियान में उन्होंने 16,500 फीट ऊंचाई, कठिन ट्रैक और प्रतिकूल मौसम का सामना किया था। जिले के युवाओं द्वारा एक माह में पर्वतारोहण के दो सफल अभियान पूरे कर जिले का मान बढ़ाया है।
अनुभवी पर्वतारोही आशीष नावंधर के नेतृत्व में चारुलता पंडित, संजीव पंडित, श्वेता कुराडे, विलास तरवड़ी, निवेदिता शर्मा, नेहा सिखची और निधि गौतम ने 1 जनवरी को सुबह 8:45 बजे माउंट किलिमंजारो के लिए चढ़ाई शुरू की। खराब मौसम, ऑक्सीजन की कमी और दबाव को झेलते हुए करीब 9 घंटे की चढ़ाई के बाद उनका दल शिखर पर पहुंचा। निधि गौतम और निवेदिता शर्मा ने अपने साथ ले गई तिरंगा को फहराया। निधि और निवेदिता ने बताया कि अभियान के सभी दिनों में बर्फबारी का सामना करना पड़ा।