हेल्थ मिनिस्टर ने किया 'खींवसर का प्रमोशन':सड़क पर 'मुर्गा' क्यों बन गए गांव वाले; कंपनी शोरूम के सामने नए ऑटो को जलाया
नमस्कार नागौर में चिकित्सा मंत्री पर्यटन का प्रचार करते नजर आए। भीलवाड़ा में लोग सड़क पर ही मुर्गा बन गए। पाली के एक माननीय स्वघोषित किसान नेता बन गए और जोधपुर में युवक ने अपना नया ऑटो पेट्रोल छिड़ककर फूंक दिया। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में... 1. हेल्थ मिनिस्टर कर रहे टूरिज्म का प्रचार एक कर्मठ कार्यकर्ता उत्साहित था। उसे माननीय को नए साल की बधाई देनी थी। इस बहाने नजर में भी आना था। कार्यकर्ता डेयरी मंत्री, शिक्षा मंत्री और सांसद महोदय से मिलने गया था, लेकिन वे मेले में सीटी बजा रहे थे। इसके बाद कार्यकर्ता ने चिकित्सा मंत्री के आवास का रुख किया। लेकिन मंत्री जी आवास पर नहीं मिले। उसने सोचा कि प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल में डेरा डालते हैं, वहां तो मंत्रीजी पहुंचेंगे ही। लेकिन पूरे दिन हॉस्पिटल की खाक छानने के बाद भी उसे मंत्रीजी नहीं मिले। वह कई अस्पतालों में गया। बेड पर बिल्ली तक मिल गई, लेकिन मंत्रीजी का कहीं पता नहीं। जानकारी मिली कि मंत्रीजी निज आवास पर गए हैं। पता पूछा तो निज आवास नागौर के खींवसर में निकला। उसने सोचा कि माननीय अपने क्षेत्र की चिकित्सा व्यवस्थाओं पर फोकस करने गए होंगे। लेकिन ऐसा नहीं था। किसी ने कार्यकर्ता को बताया- चिकित्सा मंत्री जी होटल व्यवसायी भी हैं। पर्यटन सीजन पीक पर है इसलिए अपने खींवसर में टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए वीडियो बना रहे हैं। 2. सड़क पर मुर्गा बन गए लोग बेहतर स्वास्थ्य के लिए रोजाना 5 किलोमीटर पैदल चलना चाहिए। रोजाना 10 किलोमीटर पैदल चलने पर व्यक्ति दीर्घजीवी होता है और उसकी सेहत अच्छी रहती है। लोकहित की यही बात सोचकर प्रशासन ने जैतपुरा गांव को धोली पंचायत में शामिल कर दिया। जैतपुरा से धोली की दूरी 10 किलोमीटर थी। लोगों का भला सोचने के बावजूद लोग प्रशासन को ही भला-बुरा कहने लगे और जैतपुरा को पालड़ी पंचायत में जोड़ने की मांग की। क्योंकि पालड़ी उनके यहां 4 किलोमीटर दूर है। प्रशासन ने लोगों को सेहत संबंधी कई तर्क दिए। लेकिन लोग नहीं माने। प्रशासन भी उनकी भलाई के लिए अड़ गया। आखिर लोगों ने अपनी फिटनेस दिखाने की ठानी और प्रशासन के सामने तमाम ग्रामीण मुर्गा बन गए। यह किसी सजा या पश्चाताप के कारण नहीं हुआ। वे दिखाना चाहते थे कि हमारा पेट, पैर, घुटने, रीढ़ सभी सही सलामत हैं और हमें इतनी दूर वाली पंचायत नहीं चाहिए, जिसमें रोजाना 10 किलोमीटर का चक्कर काटना पड़े। महिलाओं ने भी फिटनेस दिखाते हुए सड़क पर सूर्य नमस्कार जैसा कुछ किया। इन शारीरिक क्रियाओं को विरोध-प्रदर्शन का नाम देते हुए गांव वालों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया और फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की। 3. स्वघोषित किसान नेता, पोस्ट हटाई उनका नाम डॉ. महेंद्र कुमावत है। वे हमेशा किसान हित की बात सोचते हैं। उठते-बैठते, सोते जागते उनके मन-मस्तिष्क में किसान ही किसान घूमता है। वे एक समर्पित कार्यकर्ता रहे। संगठन ने भी उनकी निष्ठा का सम्मान किया और नए पदों की लिस्ट में उनका नाम भी शामिल कर दिया। उनके नाम के आगे पद लिखा गया- ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष। जिले थे- पाली और ब्यावर। चूंकि उनके दिमाग में किसान-उत्थान की भावना थी। इसलिए उन्हें ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष न दिखकर किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष नजर आया। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने झटपट सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल दी। पोस्ट में शीर्ष नेतृत्व का आभार जता दिया। घर के मंदिर में पितातुल्य देवताओं और देवता तुल्य पिता के चरणों में ढोक खाते हुए फोटो भी डाल दी। किसी कार्यकर्ता ने उन्हें जगाया- महाराज, किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष नहीं, आपको ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष बनाया है। गलती भांपकर उन्होंने पहले तो पोस्ट को डिलीट किया। इसके बाद नए सिरे से शीर्ष नेतृत्व को आभार देने के लिए दूसरी भांति से फोटो खिंचाने शुरू कर दिए। हालांकि शुभचिंतकों ने स्क्रीनशॉट रख लिए। 4. चलते-चलते.. एक कहावत है- नया नौ दिन, पुराना सौ दिन। तात्पर्य यह है कि कोई भी चीज 9 दिन नई रहती है। इसके बाद अच्छी सर्विस पाकर ही वह 100 दिन चलती है। जोधपुर में एक युवक ने बैटरी वाला ऑटो खरीदा। कुछ दिन ऑटो सही चला। फिर उसके एक पार्ट में दिक्कत आने लगी। वह पार्ट को चेंज कराने के लिए सर्विस सेंटर पहुंच गया। सर्विस वाली कंपनी के लोगों ने युवक को दुत्कार दिया। कहा कि यह पार्ट गारंटी-वारंटी में नहीं है। युवक से अभद्रता की। पार्ट के बिना ऑटो बेकार। मेहनत की पूंजी खर्च कर ऑटो खरीदा था। अब उसके पास इतना पैसा नहीं था कि पाट्र्स में पैसे लगाता रहे। उसने काफी मिन्नतें कीं, लेकिन सर्विस कंपनी वाले टस से मस नहीं हुए। आखिर वह ऑटो लेकर कंपनी शोरूम के सामने पहुंचा। शिकायत करते हुए वीडियो बनाया। इसके बाद पेट्रोल डालकर ऑटो को आग लगा दी। एक और कहावत है- खाऊं नहीं तो बिखेर ही दूं। वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी...



