हजारों मावभक्तों ने बेणेश्वर धाम तक की पदयात्रा की:महंत अच्युतानंद के सान्निध्य में पौष पूर्णिमा पर हुए दर्शन
डूंगरपुर में पौष पूर्णिमा के अवसर पर साबला हरि मंदिर से बेणेश्वर धाम तक 5 किलोमीटर की महापदयात्रा निकाली गई। महंत अच्युतानंद महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस यात्रा में हजारों मावभक्त शामिल हुए। यह पदयात्रा शनिवार सुबह शुरू हुई, जिसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात सहित अन्य राज्यों से आए मावभक्तों ने भाग लिया। दिल्ली के भृगु आश्रम से राष्ट्रीय संत सुशील मुनि भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। साबला से रवाना होकर, पदयात्रा विभिन्न मार्गों से गुजरी और 5 किलोमीटर का सफर तय कर बेणेश्वर धाम पहुंची। धर्म ध्वजाओं और जयकारों के बीच मावभक्तों ने मंदिरों में दर्शन किए। महंत अच्युतानंद महाराज ने राधा कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की और महाआरती उतारी, जिसके बाद उन्होंने भक्तों को आशीर्वाद दिया। कई भक्तों ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाकर मंदिरों के दर्शन किए। बेणेश्वर धाम पर एक धर्मसभा का भी आयोजन किया गया, जिसे महंत अच्युतानंद महाराज ने संबोधित किया। उन्होंने मावभक्तों को धर्म के मार्ग पर चलने तथा देश के विकास और भलाई के लिए एकता व भाईचारे के साथ मिलकर रहने का संदेश दिया। इस पदयात्रा के साथ ही, अगले माह माघ पूर्णिमा तक बेणेश्वर धाम पर भक्तों की भीड़ बनी रहेगी। इस दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा, और विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु अपने दिवंगत परिजनों की अस्थियों का पवित्र त्रिवेणी संगम में तर्पण करेंगे।
डूंगरपुर में पौष पूर्णिमा के अवसर पर साबला हरि मंदिर से बेणेश्वर धाम तक 5 किलोमीटर की महापदयात्रा निकाली।
डूंगरपुर में पौष पूर्णिमा के अवसर पर साबला हरि मंदिर से बेणेश्वर धाम तक 5 किलोमीटर की महापदयात्रा निकाली गई। महंत अच्युतानंद महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस यात्रा में हजारों मावभक्त शामिल हुए।
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यह पदयात्रा शनिवार सुबह शुरू हुई, जिसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात सहित अन्य राज्यों से आए मावभक्तों ने भाग लिया। दिल्ली के भृगु आश्रम से राष्ट्रीय संत सुशील मुनि भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
साबला से रवाना होकर, पदयात्रा विभिन्न मार्गों से गुजरी और 5 किलोमीटर का सफर तय कर बेणेश्वर धाम पहुंची। धर्म ध्वजाओं और जयकारों के बीच मावभक्तों ने मंदिरों में दर्शन किए।
