भारत के बारे में बांग्लादेश जमात-ए इस्लामी के अमीर ने ऐसा क्या कहा कि देनी पड़ी सफ़ाई
जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है- मैं ऐसी रिपोर्टों की कड़ी निंदा करता हूँ और संबंधित लोगों से आग्रह करता हूं कि वे भविष्य में बिना सच्चाई जाने ऐसी गुमराह करने वाली ख़बरें देने से बचें.
भारत के बारे में बांग्लादेश जमात-ए इस्लामी के अमीर ने ऐसा क्या कहा कि देनी पड़ी सफ़ाई

इमेज स्रोत, @BJI_Official
इमेज कैप्शन, बांग्लादेश जमात-ए इस्लामी के प्रमुख शफ़ीक़ुर रहमान
7 घंटे पहले
31 दिसंबर को रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में शफ़ीक़ुर रहमान ने कहा था कि पिछले साल की शुरुआत में बायपास सर्जरी के बाद उन्होंने एक भारतीय राजनयिक से मुलाक़ात की थी.
रहमान के अनुसार, अन्य देशों के राजनयिकों ने उनसे खुले तौर पर शिष्टाचार मुलाक़ातें कीं लेकिन भारतीय अधिकारी ने इस बैठक को गोपनीय रखने का अनुरोध किया था.
रहमान के इस इंटरव्यू के बाद बांग्लादेश के मीडिया में ख़बर चलने लगी कि जमात-ए इस्लामी प्रमुख की भारतीय राजनयिक से एक गोपनीय मुलाक़ात हुई थी.
बांग्लादेश में अगले महीने चुनाव हैं और जमात-ए इस्लामी एक अहम ताक़त के रूप में उभरती दिख रही है.
कहा जा रहा है कि जमात की पहचान भारत विरोधी गुट के रूप में है, ऐसे में गोपनीय बैठक की हेडलाइन उनकी राजनीति के उलट जा रही थी.
इसी को देखते हुए जमात प्रमुख ने गुरुवार को अपने फ़ेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट लिखकर इंटरव्यू पर स्पष्टीकरण जारी किया है.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट Facebook समाप्त
शफ़ीक़ुर रहमान ने लिखा है, ''बुधवार को इंटरनेशनल मीडिया रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में मुझसे पूछा गया, "इंडिया आपका पड़ोसी देश है, तो क्या आपका कोई संपर्क है, क्या आपकी उनसे कोई बातचीत या मुलाक़ात होती है?''
''इसके जवाब में मैंने कहा- जब मैं पिछले साल बीमार पड़ने के बाद इलाज कराकर घर लौटा, तो देश-विदेश से बहुत से लोग मुझसे मिलने आए थे. जैसे दूसरे देशों के सम्मानित डिप्लोमैट आए थे, वैसे ही इंडियन डिप्लोमैट भी मुझसे मिलने मेरे घर आए थे.''
उन्होंने लिखा, ''दूसरों की तरह, मैंने उनसे भी बात की. उनसे बातचीत के दौरान, हमने उन्हें बताया कि यहाँ आए सभी डिप्लोमैट से मिलने की जानकारी दी है. हम इस मीटिंग की भी जानकारी देंगे. तब उन्होंने मुझसे अनुरोध किया कि मैं इसे सार्वजनिक ना करूँ. हमने कहा, जब भी भविष्य में दोनों देशों के हितों से जुड़े मामलों पर आपसे कोई मीटिंग होगी, तो वह सार्वजनिक ज़रूर की जाएगी.''
''यहां कुछ भी गोपनीय नहीं है. मुझे हैरानी है कि हमारे कुछ मीडिया आउटलेट्स ने रिपोर्ट किया है कि जमात अमीर ने इंडिया के साथ गोपनीय बैठक की थी. मैं ऐसी रिपोर्टों की कड़ी निंदा करता हूँ और संबंधित लोगों से आग्रह करता हूं कि वे भविष्य में बिना सच्चाई जाने ऐसी गुमराह करने वाली ख़बरें देने से बचें.''
रहमान ने रॉयटर्स से क्या कहा?

इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, शफ़ीक़ुर रहमान (दाएं से दूसरे) के नेतृत्व में बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी एक प्रमुख ताक़त के रूप में अभर रहा है.


