देवंदी में बिजली, पेयजल, सड़क के मुद्दों पर चर्चा:कलेक्टर ने ग्रामीणों से किया संवाद, समस्याओं के निस्तारण के निर्देश
बालोतरा जिले की सिवाना पंचायत समिति के देवंदी ग्राम पंचायत में बुधवार को जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव की अध्यक्षता में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने अपनी विभिन्न समस्याओं, आवश्यकताओं और सुझावों को कलेक्टर के सामने रखा। रात्रि चौपाल के दौरान जिला कलेक्टर यादव ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राजस्व प्रकरणों और सरकारी योजनाओं के लाभ से जुड़े मुद्दों पर जानकारी ली। कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि इन प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने बताया कि रात्रि चौपाल का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को आमजन के द्वार तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित व प्रभावी समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता और तत्परता बरती जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। कलेक्टर ने ग्रामीणों से स्वच्छता बनाए रखने, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान भी किया। इस कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी सुरेन्द्र सिंह खंगारोत, विकास अधिकारी, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
बालोतरा जिले की सिवाना पंचायत समिति के देवंदी ग्राम पंचायत में बुधवार को जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव की अध्यक्षता में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने अपनी विभिन्न समस्याओं, आवश्यकताओं और सुझा
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रात्रि चौपाल के दौरान जिला कलेक्टर यादव ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राजस्व प्रकरणों और सरकारी योजनाओं के लाभ से जुड़े मुद्दों पर जानकारी ली। कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि इन प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने बताया कि रात्रि चौपाल का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को आमजन के द्वार तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित व प्रभावी समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता और तत्परता बरती जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
