डूंगरपुर एसबीपी कॉलेज में छात्रों का प्रदर्शन:इंटरनल परीक्षा से वंचित रहने पर गेट पर दिया धरना
डूंगरपुर जिले के एसबीपी कॉलेज में शुक्रवार को इंटरनल परीक्षा से वंचित छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज के गेट पर ताला जड़ दिया और धरना दिया। यह प्रदर्शन भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के बैनर तले हुआ। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोबारा परीक्षा आयोजित करवाने की मांग रखी। कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष तुषार परमार ने बताया कि कई छात्र दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं। वे आर्थिक स्थिति सुधारने और मजदूरी करने के लिए बाहर गए हुए थे। इस दौरान कॉलेज प्रशासन ने इंटरनल परीक्षाएं आयोजित करवा दीं, जिसकी जानकारी इन छात्रों को समय पर नहीं मिल पाई। सूचना के अभाव में कई छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गए। इस मामले पर कॉलेज के प्रिंसिपल ने पहले कहा था कि कॉलेज में 4 दिसंबर से ही इंटरनल परीक्षाएं शुरू हो गई थीं। छात्रों को इसकी सूचना कई बार दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद वे परीक्षा देने नहीं पहुंचे। काफी देर तक चले धरने और प्रदर्शन के बाद कॉलेज प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। वार्ता में निर्णय लिया गया कि वंचित छात्रों के लिए अगले 2 दिनों के भीतर इंटरनल एग्जाम दोबारा करवाए जाएंगे। इस फैसले के बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
डूंगरपुर जिले के एसबीपी कॉलेज में शुक्रवार को इंटरनल परीक्षा से वंचित छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज के गेट पर ताला जड़ दिया और धरना दिया। यह प्रदर्शन भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के बैनर तले हुआ। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारे
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कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष तुषार परमार ने बताया कि कई छात्र दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं। वे आर्थिक स्थिति सुधारने और मजदूरी करने के लिए बाहर गए हुए थे। इस दौरान कॉलेज प्रशासन ने इंटरनल परीक्षाएं आयोजित करवा दीं, जिसकी जानकारी इन छात्रों को समय पर नहीं मिल पाई। सूचना के अभाव में कई छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गए।
इस मामले पर कॉलेज के प्रिंसिपल ने पहले कहा था कि कॉलेज में 4 दिसंबर से ही इंटरनल परीक्षाएं शुरू हो गई थीं। छात्रों को इसकी सूचना कई बार दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद वे परीक्षा देने नहीं पहुंचे। काफी देर तक चले धरने और प्रदर्शन के बाद कॉलेज प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। वार्ता में निर्णय लिया गया कि वंचित छात्रों के लिए अगले 2 दिनों के भीतर इंटरनल एग्जाम दोबारा करवाए जाएंगे। इस फैसले के बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।