जयपुर में फिल्म देखने पहुंचे देशभर के साधु-संत:सुभाषचन्द्र बोस पर बनी फिल्म का हुआ प्रीमियर, महिला सैनिकों के साहस की दिखाई कहानी
अनसुनी महिला योद्धाओं के देश के प्रति प्रेम, बलिदान और जज्बे को दर्शाती हिन्दी फिल्म आजाद भारत का स्पेशल प्रीमियर शुक्रवार को मालवीय नगर स्थित JOI मॉल के सिनेपॉलिस में हुआ। जिसे बड़ी तादाद में मौजूद दर्शकों ने खूब सराहा। गया। फिल्म को देखने और सपोर्ट करने के लिए देशभर से साधु-संत भी यहां नजर आए। फिल्म में फिल्म डायरेक्टर रूपा अय्यर ने महिला योद्धा नीरा आर्या का किरदार निभाया है, जिसे खासा पसंद किया गया। फिल्म आजाद भारत की को- डायरेक्टर दीपा अय्यर ने बताया- यह फिल्म भारत के आजादी की लड़ाई की है, जिसमें महिला योद्धाओं की अदम्य साहस के साथ उनकी भागीदारी को फिल्माया गया है। फिल्म में जंगे आजादी में अहम भूमिका निभाने वाली नीरा आर्या को फोकस किया गया है, जिनके जीवन बलिदान का जिक्र इतिहास में कहीं दब गया है। दीपा अय्यर ने बताया - नीरा आर्या ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जान की रक्षा के लिए अपना घर, परिवारजनों को भी भुला दिया। नीरा आर्या के जीवन का मकसद सिर्फ देशप्रेम रहा। यह फिल्म हमारी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक : वनीश चुघ स्क्रीनिंग करवाने वाले वनीश चुघ ने कहा- यह फिल्म हमारी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। युवाओं में देशप्रेम के प्रति जज्बा बढ़ेगा, क्योंकि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। स्वामी चन्द्रशेखर अघोरीनाथ (मैयोंग) ने कहा कि यह फिल्म उन बच्चों के लिए सीख है जो गलत दिशा में जा रहे हैं। बांग्लादेश में हिन्दुओं की हत्या को कठोर निंदा की। मोदी सरकार की वजह से ही आज हिन्दू समाज जिन्दा है। आयोजक विक्रम सिंह राठौड़ और सुनील रुपानी ने बताया कि रूपा अय्यर निर्देशित इस फिल्म में सुरेश ओबेरॉय, श्रेयस तलपड़े, अमृता फडणवीस भी अहम भूमिका में नजर आए।
अनसुनी महिला योद्धाओं के देश के प्रति प्रेम, बलिदान और जज्बे को दर्शाती हिन्दी फिल्म आजाद भारत का स्पेशल प्रीमियर शुक्रवार को मालवीय नगर स्थित जेओआई मॉल के सिनेपॉलिस में हुआ। जिसे बड़ी तादाद में मौजूद दर्शकों ने खूब सराहा। गया। फिल्म को देखने और सपोर्ट करने के लिए देशभर से साधु-संत भी यहां नजर आए। फिल्म में फिल्म डायरेक्टर रूपा अय्यर ने महिला योद्धा नीरा आर्या का किरदार निभाया है, जिसे खासा पसंद किया गया।
इस मौके पर फिल्म आजाद भारत की को- डायरेक्टर दीपा अय्यर ने बताया कि यह फिल्म भारत के आजादी की लड़ाई की है, जिसमें महिला योद्धाओं की अदम्य साहस के साथ उनकी भागीदारी को करीेने से फिल्माया गया है। खासतौर से इस फिल्म में जंगे आजादी में अहम भूमिका निभाने वाली नीरा आर्या को फोकस किया गया है, जिनके जीवन बलिदान का जिक्र इतिहास में कहीं दब गया है। दीपा अय्यर ने बताया कि नीरा आर्या ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जान की रक्षा के लिए अपना घर, परिवारजनों को भी भुला दिया। नीरा आर्या के जीवन का मकसद सिर्फ देशप्रेम रहा। यह फिल्म हमारी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक : वनीश चुघ स्क्रीनिंग करवाने वाले वनीश चुघ ने कहा कि यह फिल्म हमारी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। युवाओं में देशप्रेम के प्रति जज्बा बढ़ेगा, क्योंकि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। स्वामी चन्द्रशेखर अघोरीनाथ (मैयोंग) ने कहा कि यह फिल्म उन बच्चों के लिए सीख है जो गलत दिशा में जा रहे हैं। उन्होंने बांग्लादेश में हिन्दुओं की हत्या को कठोर निंदा की। उन्होंने मोदी सरकार का आभार जताते हुए कहा कि मोदी सरकार की वजह से ही आज हिन्दू समाज जिन्दा है। आयोजक विक्रम सिंह राठौड़ और सुनील रुपानी ने बताया कि रूपा अय्यर निर्देशित इस फिल्म में सुरेश ओबेरॉय, श्रेयस तलपड़े, अमृता फडणवीस भी अहम भूमिका में नजर आए।