पीएम श्री सीनियर बालिका उमावि छावनी में छात्राओं को साइबर सुरक्षा की दी जानकारी
भास्कर न्यूज | ब्यावर पीएम श्री सीनियर बालिका उमावि, छावनी में शनिवार को साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम शनिवार दोपहर 3 बजे विद्यालय परिसर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी देना था। कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक के प्रतिनिधि अरुण मंगल ने छात्राओं को साइबर अपराध के नए तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आजकल साइबर अपराधी एआई तकनीक का उपयोग कर लोगों को ठग रहे हैं। इसलिए सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग करते समय अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं को पासवर्ड से जुड़ी सावधानियां बताते हुए कहा कि पासवर्ड में जन्मतिथि, परिवार के सदस्यों या पालतू जानवरों के नाम का प्रयोग नहीं करें। पासवर्ड और ओटीपी किसी को भी न बताएं। सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध फ्री वाई-फाई का उपयोग कर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने से बचना चाहिए। मंगल ने साइबर सिक्युरिटी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से समझते हुए बताया कि साइबर सुरक्षा जागरूकता क्यों महत्त्वपूर्ण है। तकनीकी विकास ने आधुनिक जीवन शैली को बदल दिया है। जिसके कई लाभ हैं लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं। नए और शक्तिशाली साइबर अपराधी नियमित रूप से इंटरनेट पर हमला कर रहे हैं। हमारी छोटी सी चूक साइबर अपराधियों के लिए डेटा चोरी के द्वार खोल सकती है। वे हमारी जमा पूंजी चुरा सकते हैं। हमारी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साइबर अपराध की परीनीति शारीरिक या यौन शोषण भी हो सकता है।अधिकांश साइबर अपराध मानवीय लापरवाही के कारण होते हैं, इसलिए, साइबर सुरक्षा जागरूकता महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी से साझा नहीं करनी चाहिए। ऑनलाइन भुगतान करते समय प्राप्तकर्ता का नाम जरूर जांचें। साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। जरूरत पड़ने पर 112 नेशनल पुलिस हेल्पलाइन और 181 महिला हेल्पलाइन पर भी संपर्क किया जा सकता है। अरुण मंगल ने कहा कि साइबर अपराध की शिकायत 24 से 72 घंटे के भीतर दर्ज कराने पर कार्रवाई की संभावना अधिक रहती है। इसे ही गोल्डन ऑवर कहा जाता है। उन्होंने छात्राओं को साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट आईएन वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी। साथ ही डीजी लॉकर एप के उपयोग की सलाह दी, जिससे आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखे जा सकते हैं। कार्यक्रम में छात्राओं ने रुचि के साथ जानकारी प्राप्त की। विद्यालय प्रशासन ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि छात्राएं डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रह सकें।