विकास की रफ्तार:तेज निर्माण, नया भविष्य: धरातल पर आया दो फ्लाइओवर और आरओबी का सपना
नए साल की शुरुआत के साथ ही भरतपुर शहर में विकास कार्य धरातल पर दिखने लगे हैं। शहर के दो बड़े फ्लाइओवरों और एक आरओबी का निर्माण कार्य अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। काली की बगीची से आरबीएम तक और हीरादास से कुम्हेर गेट तक फ्लाइओवर निर्माण का काम शुरू हो चुका है। दोनों स्थानों पर पाइलिंग का कार्य प्रगति पर है, जो फ्लाइओवर की नींव को मजबूत बनाने की अहम तकनीकी प्रक्रिया है। इसके साथ ही यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम भी चल रहा है, जिसमें पानी की पाइपलाइन, बिजली के तार और सीवर लाइन को सुरक्षित ढंग से स्थानांतरित किया जा रहा है। निर्माण की अगली अवस्था में पिलर डालने का काम होगा। पिलर तैयार होने के बाद उन पर सैगमेंट रखे जाएंगे, जिससे फ्लाइओवर का ढांचा आकार लेगा। हीरादास से कुम्हेर गेट होते हुए कृषि मंडी तक 2400 मीटर लंबे फ्लाइओवर के लिए 303 करोड़ और आरबीएम से काली की बगीची तक 1915 मीटर लंबे फ्लाईओवर के लिए 194 करोड़ की मंजूरी मिली थी। इन दोनों परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 497 करोड़ रुपए होगी। यह तकनीकी शहर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देगी। इसी तरह रीको रोड पर आरओवी का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना को 14 पिलरों का मजबूत सहारा आरओबी में पीयर कैप का काम चल रहा है, जो पिलरों को मजबूती देने का अहम चरण है। गडर की तैयारी भी जारी है। परियोजना में कुल 14 पिलर बनाए जाने हैं, जिनमें से 9 पिलरों का काम पूरा हो चुका है। इसके बाद शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जाम की समस्या से राहत मिलेगी, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। एसटीसी हाउसिंग बोर्ड में बनता ओवरब्रिज। "दोनों फ्लाइओवर का निर्माण कार्य मानक अनुसार कराया जा रहा है। पाइलिंग और यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम शुरू हो चुका है। निर्धारित समयानुसार कार्य पूरा किया जाएगा।" -अनिरूद्ध सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, भरतपुर खंड कुम्हेर गेट से रंजीत नगर का काम।
नए साल की शुरुआत के साथ ही भरतपुर शहर में विकास कार्य धरातल पर दिखने लगे हैं। शहर के दो बड़े फ्लाइओवरों और एक आरओबी का निर्माण कार्य अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। काली की बगीची से आरबीएम तक और हीरादास से कुम्हेर गेट तक फ्लाइओवर निर्माण का काम शुरू हो चु