धौलपुर में गोदाम पर अवैध कब्जा, सामान चोरी:पीड़ित ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया, एसपी को शिकायत
धौलपुर के सैंपऊ थाना क्षेत्र में एक गोदाम पर अवैध कब्जे और सामान चोरी का मामला सामने आया है। पीड़ित त्रिलोक पाराशर ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है। पाराशर की शिकायत के अनुसार, पहली घटना 27 दिसंबर, 2025 को हुई थी। जितेंद्र तिवारी और उनके साथियों ने गोदाम के ताले तोड़कर उस पर अपना ताला लगा दिया। इस घटना की सूचना तत्काल थानाधिकारी को दी गई थी, जिन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद, 31 दिसंबर, 2025 को जितेंद्र तिवारी और उनके भाई धर्मेंद्र तिवारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर गोदाम में रखे कीमती सामान को चुराकर पास के प्रांगण में रखवा दिया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने गोदाम के अंदर कुछ सामान में आग लगा दी। इन घटनाओं के वीडियो और फोटो सबूत के तौर पर पीड़ित के पास उपलब्ध हैं। पाराशर ने बताया कि उन्होंने इस दूसरी घटना की जानकारी भी थानाधिकारी को दी थी। इसके बाद थानाधिकारी ने स्वयं मौके पर आकर वीडियोग्राफी भी करवाई थी। हालांकि, 31 दिसंबर, 2025 से लेकर अब तक उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। पीड़ित ने यह भी जानकारी दी कि जितेंद्र तिवारी के साथ उनका एक कोर्ट केस चल रहा था। 19 दिसंबर को जितेंद्र तिवारी यह केस जीत गया था। आरोप है कि केस जीतने के बाद, बिना किसी कोर्ट आदेश के, जितेंद्र और उसके भाइयों ने उनके सामान को चुराकर गोदाम पर कब्जा करने का प्रयास किया। पीड़ित का दावा है कि कई बार लिखित में सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से अपनी जान-माल की सुरक्षा, चोरी हुए सामान को वापस गोदाम में रखवाने और गोदाम पर पुनः अपने ताले लगवाने की मांग की है।
धौलपुर के सैंपऊ थाना क्षेत्र में एक गोदाम से सामान चोरी, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप।
धौलपुर के सैंपऊ थाना क्षेत्र में एक गोदाम पर अवैध कब्जे और सामान चोरी का मामला सामने आया है। पीड़ित त्रिलोक पाराशर ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है।
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पाराशर की शिकायत के अनुसार, पहली घटना 27 दिसंबर, 2025 को हुई थी। जितेंद्र तिवारी और उनके साथियों ने गोदाम के ताले तोड़कर उस पर अपना ताला लगा दिया। इस घटना की सूचना तत्काल थानाधिकारी को दी गई थी, जिन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
इसके बाद, 31 दिसंबर, 2025 को जितेंद्र तिवारी और उनके भाई धर्मेंद्र तिवारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर गोदाम में रखे कीमती सामान को चुराकर पास के प्रांगण में रखवा दिया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने गोदाम के अंदर कुछ सामान में आग लगा दी। इन घटनाओं के वीडियो और फोटो सबूत के तौर पर पीड़ित के पास उपलब्ध हैं।