नागौर में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की छुट्टियां की:सर्दी को देखते हुए कलेक्टर ने जारी किए आदेश, स्टाफ को आना होगा
नागौर में बढ़ती शीतलहर और सर्दी को देखते हुए जिला प्रशासन ने छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। नागौर जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने आदेश जारी कर जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए 3 जनवरी 2026 से आगामी आदेशों तक अवकाश घोषित कर दिया है। आदेश के अनुसार, अवकाश के दौरान शाला पूर्व शिक्षा के लिए आने वाले बच्चों को केंद्र पर नहीं बुलाया जाएगा। हालांकि, बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए उन्हें दिए जाने वाले नाश्ते और गर्म पोषाहार का वितरण अब 'टेक होम राशन' (THR) के रूप में किया जाएगा। स्टाफ के लिए छुट्टी नहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अवकाश केवल बच्चों के लिए है। आंगनबाड़ी के समस्त मानदेयकर्मी नियमित रूप से केंद्र पर उपस्थित रहेंगे और अपने अन्य विभागीय कार्यों का संपादन करेंगे। इसके अलावा, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (MCHN Day) जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तरह ही जारी रहेंगी। जिला कलक्टर ने इस आदेश की प्रतिलिपि महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक और जिले के समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों को भेजकर सख्त पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
नागौर में बढ़ती शीतलहर और सर्दी को देखते हुए जिला प्रशासन ने छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है।
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नागौर जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने आदेश जारी कर जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए 3 जनवरी 2026 से आगामी आदेशों तक अवकाश घोषित कर दिया है।
आदेश के अनुसार, अवकाश के दौरान शाला पूर्व शिक्षा के लिए आने वाले बच्चों को केंद्र पर नहीं बुलाया जाएगा। हालांकि, बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए उन्हें दिए जाने वाले नाश्ते और गर्म पोषाहार का वितरण अब 'टेक होम राशन' (THR) के रूप में किया जाएगा।

फोटो प्रतीकात्मक AI जनरेटेड
स्टाफ के लिए छुट्टी नहीं
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अवकाश केवल बच्चों के लिए है। आंगनबाड़ी के समस्त मानदेयकर्मी नियमित रूप से केंद्र पर उपस्थित रहेंगे और अपने अन्य विभागीय कार्यों का संपादन करेंगे। इसके अलावा, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (MCHN Day) जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तरह ही जारी रहेंगी।
जिला कलक्टर ने इस आदेश की प्रतिलिपि महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक और जिले के समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों को भेजकर सख्त पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।