राजसमंद में मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत:कांग्रेसी बोले- कमरों में बैठे अधिकारी बनाएंगे गांवों की योजना
राजसमंद में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा शनिवार को मनरेगा बचाओ संग्राम एवं काम के अधिकार की रक्षा को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित कर जन आंदोलन का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस जिला प्रभारी विजेंद्र सिंह सिद्धु ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर मनरेगा योजना को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया। 100 दिन की गारंटी खत्म की उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में किए गए बदलावों से मनरेगा की 100 दिन काम की गारंटी लगभग समाप्त कर दी गई है, जबकि यही योजना की आत्मा थी। सिद्धु ने आरोप लगाया कि सरकार ने मनरेगा को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। अब नए प्रावधानों के तहत एसी कमरों में बैठे अधिकारी योजनाएं बनाएंगे और उन्हें गांवों में लागू किया जाएगा, जबकि पहले ग्राम सभा यह तय करती थी कि गांव में कौन सा काम कराया जाएगा। 125 दिन रोजगार देने के दावे को उन्होंने जुमला बताया। साथ ही कहा कि नए बदलावों में मजदूरी का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार को वहन करना पड़ेगा, जबकि पहले यह पूरा भार केंद्र सरकार उठाती थी। उन्होंने यह भी बताया कि मनरेगा के तहत 59 प्रतिशत महिलाओं को रोजगार मिलता था, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला। जनता को अन्याय के बारे में बताएंगे कांग्रेस ने ऐलान किया कि 11 जनवरी से जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। 12 से 29 जनवरी तक कार्यकर्ता फील्ड में जाकर जनता को मोदी सरकार के अन्याय से अवगत कराएंगे। इसके बाद 31 जनवरी से 6 फरवरी के बीच जिला स्तर पर सरकार का घेराव कर मनरेगा में किए गए बदलाव वापस लेने और न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए करने की मांग की जाएगी। इस अवसर पर कांग्रेस जिला प्रभारी विजेंद्र सिंह सिद्धु, जिलाध्यक्ष हरिसिंह राठौड़, कांग्रेस पदाधिकारी नारायण सिंह भाटी, आदित्य प्रताप सिंह चौहान, योगेन्द्र सिंह परमार, अशोक टाक, कुलदीप शर्मा, बहादुर सिंह चारण, चंचल नंदवाना, परसराम पोरवाड़ मौजूद रहे।
राजसमंद में मनरेगा बचाओं संग्राम की शुरुआत, कांग्रेस जिला प्रभारी विजेंद्र सिंह सिद्धु पत्रकारों को संबोधित करते हुए।
राजसमंद में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा शनिवार को मनरेगा बचाओ संग्राम एवं काम के अधिकार की रक्षा को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित कर जन आंदोलन का शुभारंभ किया गया।