राजीविका की महिलाओं की बढ़ेगी इनकम:सरकारी योजना के तहत दिए ट्रैक्टर और कृषि मशीन, किराये पर भी मिल सकेगी मशीनें
भरतपुर कलेक्ट्रेट में राजीविका के महिलाओं को 6 ट्रैक्टर दिए गए। सभी ट्रैक्टर को कलेक्टर कमर चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सभी ट्रैक्टर कस्टम हायर सेंटर (CHC) परियोजना भारत सरकार के कृषि किसान कल्याण मंत्रालय की तरफ से दिए गए हैं। इसका उद्देश्य आधुनिक कृषि यंत्र किसानों को किराए पर उपलब्ध करवाना है। किसान किराये पर ले सकेंगे कृषि मशीन कलेक्टर कमर चौधरी ने बताया कि कस्टम हायर सेंटर योजना के अंतर्गत यह केंद्र और राज्य की जॉइंट योजना है। इसके अंतर्गत गांव-गांव में कस्टम हायर सेंटर खोले जाते हैं। इसका उद्देश्य है की किसानों को गांव के लेबल पर कस्टम हायर सेंटर पर किराए पर मशीन मिल सके। जिससे किसान ट्रैक्टर, रोटावेटर ले सके। इससे किसानों को आसानी रहती है। जिन किसानों के पास खुद का ट्रैक्टर नहीं वह किसान कस्टम हायर सेंटर से किराए पर ले सकता है। 6 CLF को दिए गए ट्रैक्टर हर ट्रैक्टर के लिए 7 लाख की सब्सिडी और 3 लाख का इन्वेस्टमेंट है। 7 लाख की सब्सिडी सरकार ने एडवांस में दी थी। 6 CLF को पहले फेज में ट्रैक्टर दिए गए हैं। इसका उद्देश्य राजीविका की महिलाओं की इनकम बढ़ सके। क्योंकि यह ट्रैक्टर किराए पर दिए जा सकेंगे। साथ ही किसानों को मशीन आसानी से किराये पर मिल सके। आज उच्चैन, सेवर, कुम्हेर, भुसावर, बयाना, रूपवास CLF के लिए ट्रैक्टर दिए गए हैं। कृषि मशीनों का मालिकाना हक़ CLF का रहेगा कस्टम हायर सेंटर (CHC) परियोजना भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की महत्वपूर्ण योजना है। जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध करवाना है। यह योजना विशेष रूप से छोटे किसानों के लिए उपयोगी है। इस परियोजना में सरकार द्वारा 7 लाख की सब्सिडी दी जाती है और, कलस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) द्वारा 3 लाख का निवेश किया जा रहा है। कृषि के मशीनों के लिए उसकी खरीद और मालिकाना हक़ पूरा CLF के पास रहेगा।
भरतपुर कलेक्ट्रेट में राजीविका के महिलाओं को 6 ट्रैक्टर दिए गए। सभी ट्रैक्टर को कलेक्टर कमर चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सभी ट्रैक्टर कस्टम हायर सेंटर (CHC) परियोजना भारत सरकार के कृषि किसान कल्याण मंत्रालय की तरफ से दिए गए हैं। इसका उद्दे

