फसली लोन पंजीयन पोर्टल शुरू कराने सहित कई मांगें, मंत्री को पत्र लिखा
भास्कर न्यूज | सादुलपुर विधायक मनोज न्यांगली ने शनिवार को सहकारिता विभाग मंत्री गौतम कुमार दक को पत्र लिखा है। पत्र में द सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड चूरू के अधीन सिद्धमुख क्षेत्र में गठित विभिन्न ग्रामीण सहकारी समितियों द्वारा बनाए गए नए सदस्यों के लिए ऋण पंजीकरण पोर्टल शुरू करवाने व प्रारंभिक ऋण देय राशि पांच हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने की मांग की। पत्र में लिखा है कि सिद्धमुख तहसील में विभिन्न ग्रामीण सहकारी समितियों का गठन किया हुआ है। समितियों में जोड़े गए नए कृषक सदस्यों को ऋण उपलब्ध करवाने के लिए चुनौतियां सामने आ रही है। क्षेत्र में ग्रामीण सहकारी समितियों द्वारा जोड़े गए नए कृषक सदस्यों के लिए ऋण पंजीयन पोर्टल फसली ऋण वर्ष खरीफ 2025 से बंद है। इससे क्षेत्र की 12 सहकारी समितियों के अधीन आने वाले करीब 60 गांवों के किसान सहकारी ऋण सुविधा से वंचित हैं। इसी तरह ग्रामीण सहकारी समिति द्वारा जोड़े गए नए कृषक सदस्यों में से अधिकतम पांच नवीन कृषक सदस्यों को ही बायो मैट्रिक पंजीयन द्वारा ऋण वितरण की संख्या निर्धारित है। उक्त संख्या की सीमा को हटाकर प्रत्येक नए कृषक सदस्य के लिए बायो मैट्रिक सुविधा शुरू की जाए। ग्रामीण सहकारी समितियों के मार्फत नए कृषक सदस्यों को प्रारंभिक ऋण देय राशि की लिमिट 5 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया जाए।
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विधायक मनोज न्यांगली ने शनिवार को सहकारिता विभाग मंत्री गौतम कुमार दक को पत्र लिखा है। पत्र में द सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड चूरू के अधीन सिद्धमुख क्षेत्र में गठित विभिन्न ग्रामीण सहकारी समितियों द्वारा बनाए गए नए सदस्यों के लिए ऋण पंजीकरण पोर्टल शुरू करवाने व प्रारंभिक ऋण देय राशि पांच हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने की मांग की। पत्र में लिखा है कि सिद्धमुख तहसील में विभिन्न ग्रामीण सहकारी समितियों का गठन किया हुआ है।
समितियों में जोड़े गए नए कृषक सदस्यों को ऋण उपलब्ध करवाने के लिए चुनौतियां सामने आ रही है। क्षेत्र में ग्रामीण सहकारी समितियों द्वारा जोड़े गए नए कृषक सदस्यों के लिए ऋण पंजीयन पोर्टल फसली ऋण वर्ष खरीफ 2025 से बंद है। इससे क्षेत्र की 12 सहकारी समितियों के अधीन आने वाले करीब 60 गांवों के किसान सहकारी ऋण सुविधा से वंचित हैं।
इसी तरह ग्रामीण सहकारी समिति द्वारा जोड़े गए नए कृषक सदस्यों में से अधिकतम पांच नवीन कृषक सदस्यों को ही बायो मैट्रिक पंजीयन द्वारा ऋण वितरण की संख्या निर्धारित है। उक्त संख्या की सीमा को हटाकर प्रत्येक नए कृषक सदस्य के लिए बायो मैट्रिक सुविधा शुरू की जाए। ग्रामीण सहकारी समितियों के मार्फत नए कृषक सदस्यों को प्रारंभिक ऋण देय राशि की लिमिट 5 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया जाए।