कार में जिंदा जली मासूम, परिवार को खींचकर बाहर निकाला:तेज रफ्तार के कारण पलटी थी, एक घंटे तक फंसे रहे पति-पत्नी और बड़ी बेटी
राजसमंद में बेकाबू कार में पलटने के बाद आग लग गई। हादसे में एक साल की मासूम बच्ची जिंदा जल गई। राहगीरों ने कार सवार बच्ची के माता-पिता, बड़ी बहन और ड्राइवर को आग में से खींचकर बाहर निकाल लिया। उन्हें गंभीर हालत में हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। जानकारी के अनुसार, कार सवार परिवार आमेट से रेलमगरा (राजसमंद) जा रहा था। एक्सीडेंट आमेट थाना सर्कल में बुधवार (31 दिसंबर) रात करीब 10 बजे हुआ। सेकेंड्स मेंआग में घिरी कार आमेट थाना इंचार्ज ओम सिंह चुंडावत ने बताया- कार में पांच लोग सवार थे। इनमें रेलमगरा निवासी विकास जैन (32), उनकी पत्नी राजेश्वरी जैन, उनकी दो बेटियां धनिष्ठा (4) और प्रनिधि (1) तथा ड्राइवर कालूराम शामिल थे। हादसे में एक साल की प्रनिधि की जलने से मौत हो गई। कार पलटते ही उसमें सेकेंड्स में आग लग गई थी। इस कारण किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने सभी को आग के बीच से बाहर खींचा। एक साल की बच्ची अंदर ही फंसी स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार कार में इतनी बुरी तरह फंसा था कि निकालने में करीब एक घंटा लग गया। इस बीच एक साल की बच्ची को बाहर निकालने से पहले ही उसकी मौत हो गई। हादसे में घायल सभी लोगों को राजसमंद आर.के. जिला अस्पताल रेफर किया गया। राजेश्वरी जैन के पैर में फ्रैक्चर है। विकास जैन की जीभ गंभीर रूप से कट गई है। ड्राइवर और चार वर्षीय बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है। .... राजस्थान में हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... AI से देखिए कैसे जिंदा जली थीं 46 जिंदगियां:जैसलमेर में 29 लोगों के लिए बस बनी जलती चिता, जयपुर में मौत बनकर फटे सिलेंडर साल 2025 राजस्थान के सीने पर कई जख्म लिख गया। आग ने परिवार के परिवार तबाह कर दिए। जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर तक इस तपिश में झुलसे हैं। रह गईं तो कुछ लाशें और झुलसे लोगों की चीख-पुकार। पूरी खबर पढ़िए...
राजसमंद में बेकाबू कार में पलटने के बाद आग लग गई। हादसे में एक साल की मासूम बच्ची जिंदा जल गई। राहगीरों ने कार सवार बच्ची के माता-पिता, बड़ी बहन और ड्राइवर को बाहर निकाल कर बचा लिया। हादसा आमेट थाना सर्कल में बुधवार रात करीब 10 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, कार सवार परिवार आमेट से रेलमगरा (राजसमंद) जा रहा था। इस दौरान राजपुरा मोड के पास कार बेकाबू होकर पलट गई। कार के पलटते ही उसमें आग लग गई। कुछ ही सेकंड में आग ने विकराल रूप ले लिया। कार में सवार था पूरा परिवार आमेट थाना इंचार्ज ओम सिंह चुंडावत के अनुसार, कार में पांच लोग सवार थे। इनमें रेलमगरा निवासी विकास जैन (32), उनकी पत्नी राजेश्वरी जैन, उनकी दो बेटियां धनिष्ठा (4) और प्रनिधि (1) तथा ड्राइवर कालूराम शामिल थे। राहगीरों ने दिखाई हिम्मत, चार को बचाया हादसे के तुरंत बाद राहगीरों ने साहस दिखाया। उन्होंने जलती हुई कार से विकास जैन, उनकी पत्नी, चार साल की बेटी धनिष्ठा और चालक को बाहर निकाल लिया। हालांकि आग तेजी से फैल गई। इसी दौरान एक साल की मासूम प्रनिधि कार के अंदर फंस गई। आग की लपटों के बीच उसे बाहर नहीं निकाला जा सका और उसकी मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। एक घंटे की मशक्कत, लेकिन कार जलकर खाक सूचना मिलते ही आमेट थाना पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंची। नगर पालिका की दमकल को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक कार पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। सभी घायलों की हालत नाजुक हादसे में घायल सभी लोगों को पहले आमेट के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें राजसमंद आर.के. जिला अस्पताल रेफर किया गया। राजेश्वरी जैन के पैर में फ्रैक्चर है। विकास जैन की जीभ गंभीर रूप से कट गई है। ड्राइवर और चार वर्षीय बच्ची सहित सभी की हालत नाजुक बनी हुई है।