कोई सरहद न इन्हें रोके... हजारों मील दूर से जिले के छह तालाबों पर पहुंचे विदेशी परिंदे
इस बार सर्दी पढ़ने के साथ ही विदेशी परिंदे आने शुरू हो गए हैं। हर साल से ज्यादा तादाद में इस बार जिले के छह तालाबों पर यह पहुंचे हैं। जिले के बड़बेला, नया तालाब, मूंडलियाखेडी, खंडिया तालाब, कदिला तालाब, गोरधनपुरा तालाब में इनकी अटखेलियां पक्षी प्रेमियों को लुभा रही हैं। बड़बेला तालाब स्थित लव कुश वाटिका में काफी बड़ी संख्या में इस बार विदेशी पक्षी पहुंच चुके हैं। वन विभाग की ओर से पक्षियों के लिए प्राकृतिक वेटलैंड भी तैयार हुए हैं। एसीएफ संजय शर्मा का कहना है कि पक्षियो की अटखेलियां यहां के तालाबों में लोगों को पसंद आ रही हैं। पक्षियों के भोजन से लेकर आवास की बेहतर व्यवस्था यहां पर मौजूद है। बड़बेला तालाब में पहुंचे बार हेडेड गूज। {यह पक्षी पहुंचे : यहां के तालाबों पर लिटिल ग्रेब, लेसर व्हिस्टिंग डक, वायरटेल्ड स्वालो, इजिप्शियन वल्चर, किंगफिशर, ग्रेट इग्रेट, इंडियन कोमोरेंट, ब्लैक हैडेड आईबिस, ग्रे हैडेड स्वाफेन, पिनटेक स्टॉक, रूडी शेलडक, ब्लैक ड्रोंगो, बार हैडेड ग्रीस, रेड क्रिस्टेड पोचार्ड, कॉमन सेंडपाइपर व अन्य विदेशी पक्षी यहां पहुंचे हैं। उपवन संरक्षक सागर पंवार ने बताया कि पक्षियों की गणना 16 जनवरी से प्रस्तावित है। इसके लिए पूरी तैयारियां की हैं। कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा। इस बार पिछले सालों की तुलना में काफी अधिक विदेशी पक्षी यहां देखने को मिल रहे हैं।
इस बार सर्दी पढ़ने के साथ ही विदेशी परिंदे आने शुरू हो गए हैं। हर साल से ज्यादा तादाद में इस बार जिले के छह तालाबों पर यह पहुंचे हैं। जिले के बड़बेला, नया तालाब, मूंडलियाखेडी, खंडिया तालाब, कदिला तालाब, गोरधनपुरा तालाब में इनकी अटखेलियां पक्षी प्रेमियो
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एसीएफ संजय शर्मा का कहना है कि पक्षियो की अटखेलियां यहां के तालाबों में लोगों को पसंद आ रही हैं। पक्षियों के भोजन से लेकर आवास की बेहतर व्यवस्था यहां पर मौजूद है। बड़बेला तालाब में पहुंचे बार हेडेड गूज। {यह पक्षी पहुंचे : यहां के तालाबों पर लिटिल ग्रेब, लेसर व्हिस्टिंग डक, वायरटेल्ड स्वालो, इजिप्शियन वल्चर, किंगफिशर, ग्रेट इग्रेट, इंडियन कोमोरेंट, ब्लैक हैडेड आईबिस, ग्रे हैडेड स्वाफेन, पिनटेक स्टॉक, रूडी शेलडक, ब्लैक ड्रोंगो, बार हैडेड ग्रीस, रेड क्रिस्टेड पोचार्ड, कॉमन सेंडपाइपर व अन्य विदेशी पक्षी यहां पहुंचे हैं। उपवन संरक्षक सागर पंवार ने बताया कि पक्षियों की गणना 16 जनवरी से प्रस्तावित है। इसके लिए पूरी तैयारियां की हैं। कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा। इस बार पिछले सालों की तुलना में काफी अधिक विदेशी पक्षी यहां देखने को मिल रहे हैं।