नए-नए आइडिया ही गढ़ेंगे हमारा नया वर्ष:आज के अंक में अलग-अलग क्षेत्रों में सोचे और जमीन पर उतारे जा रहे ऐसे आइडिया और उनसे शहर में आए बदलाव की कहानियां
रसीदपुरा के अमित फेनिन ने हाइटेक डेयरी फार्मिंग में अपना सिक्का जमा लिया है। 10 साल पहले ब्रिटेन से डेयरी फार्मिंग में शिक्षा प्राप्त करने के बाद अमित ने वहां जॉब का अच्छा ऑफर छोड़ा। उन्होंने रसीदपुरा में ही 2015 में हाइटेक डेयरी प्रोजेक्ट लगाकर दूध व्यवसाय की शुरुआत की। बैंक से लोन लेकर उन्होंने इस व्यवसाय पर 2 करोड़ खर्च किए। वे 150 से ज्यादा गोवंश का पालन कर प्रतिदिन 1200 लीटर दूध का उत्पादन कर रहे हैं। गांव के 12 से ज्यादा युवाओं को स्वरोजगार भी दे रखा है। सभी खर्च निकालने के बाद हर माह 5 लाख रुपए कमा रहे हैं। डेयरी में पशु नस्ल सुधार के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अमित ने बताया कि यहां विदेशी नस्ल की गायों की नस्ल तैयार की जाती है। वे 30 से 55 लीटर तक दूध देती हैं। अपने खेत में होने वाला आहार देते हैं पशुओं को : अमित अपने खेत में होने वाला पशु आहार ही पशुओं को देते हैं। प्रत्येक गाय के गले के पट्टे पर एक सेंसरयुक्त डिवाइस है। इससे पशु की गतिविधि की मॉनिटरिंग की जाती है। पशुओं को दुहने के लिए ऑटोमैटिक मिल्किंग पाइंट बने हैं। जहां एक साथ 12 गाय का दूध निकाला जाता है।
सीकर | रसीदपुरा के अमित फेनिन ने हाइटेक डेयरी फार्मिंग में अपना सिक्का जमा लिया है। 10 साल पहले ब्रिटेन से डेयरी फार्मिंग में शिक्षा प्राप्त करने के बाद अमित ने वहां जॉब का अच्छा ऑफर छोड़ा। उन्होंने रसीदपुरा में ही 2015 में हाइटेक डेयरी प्रोजेक्ट लगाकर दूध व्यवसाय की शुरुआत की। बैंक से लोन लेकर उन्होंने इस व्यवसाय पर 2 करोड़ खर्च किए। वे 150 से ज्यादा गोवंश का पालन कर प्रतिदिन 1200 लीटर दूध का उत्पादन कर रहे हैं। गांव के 12 से ज्यादा युवाओं को स्वरोजगार भी दे रखा है। सभी खर्च निकालने के बाद हर माह 5 लाख रुपए कमा रहे हैं। डेयरी में पशु नस्ल सुधार के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अमित ने बताया कि यहां विदेशी नस्ल की गायों की नस्ल तैयार की जाती है। वे 30 से 55 लीटर तक दूध देती हैं। अपने खेत में होने वाला आहार देते हैं पशुओं को : अमित अपने खेत में होने वाला पशु आहार ही पशुओं को देते हैं। प्रत्येक गाय के गले के पट्टे पर एक सेंसरयुक्त डिवाइस है। इससे पशु की गतिविधि की मॉनिटरिंग की जाती है। पशुओं को दुहने के लिए ऑटोमैटिक मिल्किंग पाइंट बने हैं। जहां एक साथ 12 गाय का दूध निकाला जाता है।