थाने में सुख-सुविधाएं देने के नाम पर मांगी रिश्वत, मामला-दर्ज:अलीगढ़ के पूर्व थानाधिकारी और कॉन्स्टेबल के खिलाफ एसीबी की जांच शुरू
थाने में पीसी रिमांड में मारपीट नहीं करने और सुख सुविधाएं उपलब्ध करवाने के नाम पर तत्कालीन अलीगढ़ थाना प्रभारी और कॉन्स्टेबल के खिलाफ रिश्वत लेने का मामला दर्ज हुआ है। एसीबी के अनुसार- अलीगढ़ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी पवन कुमार चौधरी (सब इंस्पेक्टर) और कॉन्स्टेबल कर्मवीर चौधरी के खिलाफ ACB मुख्यालय जयपुर में 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगने पर मामला दर्ज हुआ है, जिसकी जांच शुरू कर दी है। जांच टीम के अनुसार- करीब 4 महीने पहले अलीगढ़ थाने में गिरफ्तार किए हुए वांछित आरोपी के साथ मारपीट नहीं करने, सुख सुविधाएं देने की एवज में उसके परिजनों से मांगने पर किया हैं। हालांकि सवाई माधोपुर एसीबी टीम ने करीब 4 महीने पहले इन दोनों पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने के लिए ट्रैप की असफल कार्रवाई की थी। फिर एसीबी ने विस्तृत रिपोर्ट जयपुर एसीबी मुख्यालय भेजी। उसके बाद एसीबी मुख्यालय जयपुर में 1 जनवरी को एसीबी ने अलीगढ़ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी पवन कुमार चौधरी (सब इंस्पेक्टर) और कॉन्स्टेबल कर्मवीर चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुख सुविधाएं देने के नाम पर मांगे थे अगस्त 2024 में अलीगढ़ थाना क्षेत्र में रास्ता रोककर फायरिंग कर एक व्यक्ति से मारपीट कर लूट की वारदात को अंजाम दी थी। फरार चल रहे वांछित आरोपी को अलीगढ़ थाना पुलिस ने सितंबर 2025 के पहले सप्ताह में गिरफ्तार किया था। उसके साथ अलीगढ़ थाने में पुलिस द्वारा पीसी रिमांड में मारपीट नहीं करने और सुख सुविधा उपलब्ध करवाने के नाम पर तत्कालीन अलीगढ़ थानाधिकारी पवन कुमार चौधरी ने 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। आरोपी के भाई ने एसीबी को दी जानकारी यह जानकारी आरोपी के परिजनों तक पहुंचाई गई और बताया गया कि रिश्वत की यह राशि थाने के कॉन्स्टेबल कर्मवीर चौधरी को देनी है। लेकिन गिरफ्तार किए गए आरोपी के भाई राजमल मीणा ने इसकी शिकायत एसीबी सवाई माधोपुर में की। वहां से शिकायत का सत्यापन करवाया गया तो वह सही मिली। फिर एसीबी सवाई माधोपुर की टीम ने तत्कालीन अलीगढ़ थानाधिकारी पवन कुमार चौधरी और कॉन्स्टेबल को रंगे हाथों गिरफ्तार करने का प्लान बनाया। ट्रेप की कार्रवाई की, लेकिन असफल रहे सवाई माधोपुर एसीबी में 9 सितंबर 2025 और 14 सितंबर 2025 को तत्कालीन थाना प्रभारी पवन कुमार चौधरी और कॉन्स्टेबल को कर्मवीर चौधरी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार करने के लिए ट्रैप की कार्रवाई की, लेकिन तत्कालीन थानाधिकारी को इसकी भनक लगने के बाद ट्रैप की कार्रवाई असफल रही। फिर इस पूरे मामले विस्तृत रिपोर्ट एसीबी की टीम ने जयपुर मुख्यालय भेज दी। इसके बाद उच्च अधिकारियों ने तत्कालीन अलीगढ़ थानाधिकारी और कॉन्स्टेबल के खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला एसीबी मुख्यालय जयपुर में दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी बोले- एसीबी से सूचना मिलते ही करेंगे कार्रवाई एसपी राजेश कुमार मीना ने बताया कि पिछली साल नंवबर महीने में सब इंस्पेक्टरों के तबादले हुए थे। उसमें पवन कुमार चौधरी को मालपुरा लगाया था, फिर वहां से अजमेर में लगा दिया गया। वहीं कॉन्स्टेबल कर्मवीर को ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर लाइन में शुक्रवार को लगा दिया है। अभी इनके खिलाफ एसीबी में मामला दर्ज होने की अधिकृत जानकारी नहीं आई है। उसके आते ही नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।