डीग के पहाड़ी में अवैध रॉयल्टी वसूली का मामला दर्ज:सरकार की निर्धारित राशि से अधिक वसूली जा रही है रॉयल्टी
डीग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में अवैध रूप से रॉयल्टी वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में पहाड़ी थाना क्षेत्र में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत के आधार पर खनिज विभाग की टीम ने खनन क्षेत्र का निरीक्षण कर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। धौलेट निवासी साकिर पुत्र रज्जाक ने पहाड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में खनन रॉयल्टी वसूली का ठेका गैलेम्पसी माइनिंग कंपनी को दिया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, धौलेट और नांगल गांव में बने रॉयल्टी नाकों पर न तो वजन तौलने का कांटा है और न ही दिशा-निर्देशों से संबंधित सूचना पट्ट लगाए गए हैं। इसके बावजूद ठेकेदार और उसके कर्मचारी वाहन चालकों से मनमानी रॉयल्टी वसूल रहे हैं। साकिर ने आरोप लगाया कि ठेकेदार अपनी अवैध रसीदें छपवाकर वाहन चालकों से मनमाने तरीके से रॉयल्टी वसूल रहा है। निर्धारित 60 रुपये प्रति टन के बजाय, 85 से 100 रुपये प्रति टन तक की अवैध वसूली की जा रही है। हालांकि, जांच पूरी होने तक विभागीय अधिकारियों ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। परिवादी ने प्रशासन से अवैध खनन और अवैध रॉयल्टी वसूली पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
डीग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में अवैध रूप से रॉयल्टी वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में पहाड़ी थाना क्षेत्र में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत के आधार पर खनिज विभाग की टीम ने खनन क्षेत्र का निरीक्षण कर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
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धौलेट निवासी साकिर पुत्र रज्जाक ने पहाड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में खनन रॉयल्टी वसूली का ठेका गैलेम्पसी माइनिंग कंपनी को दिया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, धौलेट और नांगल गांव में बने रॉयल्टी नाकों पर न तो वजन तौलने का कांटा है और न ही दिशा-निर्देशों से संबंधित सूचना पट्ट लगाए गए हैं। इसके बावजूद ठेकेदार और उसके कर्मचारी वाहन चालकों से मनमानी रॉयल्टी वसूल रहे हैं।
साकिर ने आरोप लगाया कि ठेकेदार अपनी अवैध रसीदें छपवाकर वाहन चालकों से मनमाने तरीके से रॉयल्टी वसूल रहा है। निर्धारित 60 रुपये प्रति टन के बजाय, 85 से 100 रुपये प्रति टन तक की अवैध वसूली की जा रही है।
हालांकि, जांच पूरी होने तक विभागीय अधिकारियों ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। परिवादी ने प्रशासन से अवैध खनन और अवैध रॉयल्टी वसूली पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।