मनरेगा बचाओ आंदोलन: कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ मौन:ब्यावर में नीतियों के विरोध में प्रदर्शन, श्रमिकों के अधिकारों की मांग
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ब्यावर ने महात्मा गांधी सर्किल पर "मनरेगा बचाओ संग्राम जन आंदोलन" के तहत प्रतीकात्मक मौन उपवास रखा। यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ किया गया, जिसका नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष किशोर चौधरी ने किया। मौन उपवास की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष किशोर चौधरी ने मनरेगा को केवल एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर, किसान और वंचित वर्ग की जीवनरेखा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा के बजट में लगातार कटौती कर रही है, भुगतान प्रक्रिया को जटिल बना रही है और काम के अवसर सीमित कर रही है। चौधरी के अनुसार, इन नीतियों के कारण श्रमिकों को महीनों तक मजदूरी नहीं मिल पा रही है। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है और पलायन बढ़ रहा है। मौन उपवास के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से तख्तियां लेकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने "मनरेगा बचाओ" और "श्रमिक अधिकार जिंदाबाद" जैसे नारों के माध्यम से सरकार की नीतियों का विरोध किया। कार्यक्रम के बाद पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद, जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार से मनरेगा को मजबूत करने, बजट बढ़ाने, समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और प्रत्येक जरूरतमंद को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। इस अवसर पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष हंगामीलाल मेवाड़ा, प्रदेश महासचिव राकेश पारीक, प्रदेश सचिव कल्पना भटनागर, नवनीत सिंह टुटेजा, पूर्व विधायक मानक डानी, कय्यूम खान, पारस पंच सहित जिला व ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे। महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई और पंचायत प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। सभी ने श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
