चूरू के रामपुरा बास में करणी कथा संपन्न:विधायक सहारण पहुंचे, राजेंद्र राठौड़ ने वीडियो कॉल से किया संबोधित
चूरू के रामपुरा बास गांव में चल रही पांच दिवसीय करणी कथा भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो गई। अंतिम दिन कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। इस दौरान भजन-कीर्तन और मां करणी के जयघोष से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। कथा के समापन पर स्थानीय विधायक हरलाल सहारण भी पहुंचे। उन्होंने कथा स्थल पर पहुंचकर मां करणी के दर्शन किए और आयोजन की सराहना की। विधायक सहारण ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारा और संस्कारों को मजबूत करते हैं। कथा आयोजक कमोद कंवर ने बताया कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने वीडियो कॉल के माध्यम से श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि श्री करणी कथा आस्था के साथ-साथ समाज को जोड़ने का कार्य करती है। राठौड़ ने कथा वाचन और सेवा कार्यों की प्रशंसा की। पांच दिनों तक चले इस भक्तिमय आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भजनों, कथा वाचन और मां करणी की महिमा के वर्णन से भक्त भाव-विभोर होते रहे। इस दौरान बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। कथा के समापन पर आरती की गई और प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने मां करणी से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
चूरू के रामपुरा बास गांव में चल रही पांच दिवसीय करणी कथा भक्तिमय वातावरण में संपन्न।
चूरू के रामपुरा बास गांव में चल रही पांच दिवसीय करणी कथा भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो गई। अंतिम दिन कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। इस दौरान भजन-कीर्तन और मां करणी के जयघोष से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।
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कथा के समापन पर स्थानीय विधायक हरलाल सहारण भी पहुंचे। उन्होंने कथा स्थल पर पहुंचकर मां करणी के दर्शन किए और आयोजन की सराहना की। विधायक सहारण ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारा और संस्कारों को मजबूत करते हैं।
कथा आयोजक कमोद कंवर ने बताया कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने वीडियो कॉल के माध्यम से श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि श्री करणी कथा आस्था के साथ-साथ समाज को जोड़ने का कार्य करती है। राठौड़ ने कथा वाचन और सेवा कार्यों की प्रशंसा की।
पांच दिनों तक चले इस भक्तिमय आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भजनों, कथा वाचन और मां करणी की महिमा के वर्णन से भक्त भाव-विभोर होते रहे। इस दौरान बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली।
कथा के समापन पर आरती की गई और प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने मां करणी से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।