धौलपुर में कनासिल में घटिया सड़क निर्माण की शिकायत:ग्रामीण बोले- मिट्टी मिली हुई लाल बजरी का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा
धौलपुर जिले के सैंपऊ थाना क्षेत्र की कनासिल ग्राम पंचायत में सरकारी बजट से बन रही सीसी सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला कलेक्टर, जिला परिषद सीईओ, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री से शिकायत की है। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत में मटेरियल सप्लाई करने वाले ठेकेदार द्वारा सीसी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। ठेकेदार ने निर्माण स्थल से लगभग 10 किलोमीटर दूर धौलपुर मार्ग पर पंचायत समिति कार्यालय के पास मटेरियल मिक्स करने का प्लांट लगाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस प्लांट में मनमाने तरीके से घटिया गुणवत्ता का मटेरियल तैयार किया जा रहा है। इसमें मिट्टी मिली हुई लाल बजरी का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। इस मटेरियल को ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से निर्माण स्थल तक पहुंचाया जाता है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि नियमानुसार मटेरियल को निर्माण स्थल पर ही मिक्स किया जाना चाहिए। निर्माण स्थल से 10 किलोमीटर दूर मैटेरियल तैयार करने और उसे लाने के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली से सीमेंट और पानी टपकने लगता है। इससे निर्माण स्थल तक पहुंचते-पहुंचते मटेरियल की गुणवत्ता काफी कम हो जाती है, जिससे सड़क की पकड़ कमजोर होने और उसकी मजबूती पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
धौलपुर जिले के सैंपऊ थाना क्षेत्र की कनासिल ग्राम पंचायत में सरकारी बजट से बन रही सीसी सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला कलेक्टर, जिला परिषद सीईओ, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और ग्रामीण विकास एवं प
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ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत में मटेरियल सप्लाई करने वाले ठेकेदार द्वारा सीसी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। ठेकेदार ने निर्माण स्थल से लगभग 10 किलोमीटर दूर धौलपुर मार्ग पर पंचायत समिति कार्यालय के पास मटेरियल मिक्स करने का प्लांट लगाया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस प्लांट में मनमाने तरीके से घटिया गुणवत्ता का मटेरियल तैयार किया जा रहा है। इसमें मिट्टी मिली हुई लाल बजरी का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। इस मटेरियल को ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से निर्माण स्थल तक पहुंचाया जाता है।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि नियमानुसार मटेरियल को निर्माण स्थल पर ही मिक्स किया जाना चाहिए। निर्माण स्थल से 10 किलोमीटर दूर मैटेरियल तैयार करने और उसे लाने के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली से सीमेंट और पानी टपकने लगता है। इससे निर्माण स्थल तक पहुंचते-पहुंचते मटेरियल की गुणवत्ता काफी कम हो जाती है, जिससे सड़क की पकड़ कमजोर होने और उसकी मजबूती पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।