ग्राम पंचायतों में भी ईडब्ल्यूएस आरक्षण देने की मांग उठाई
भास्कर न्यूज | नागौर राजपूत करणी सेना ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को पंचायती राज संस्थाओं और अन्य चुनावों में आरक्षण देने की मांग उठाई है। शुक्रवार को जिला अध्यक्ष मेघसिंह नावद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के माध्यम से केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने संविधान के अनुच्छेदों का हवाला देते हुए मांग की है कि जिस तरह शिक्षा और सरकारी सेवाओं में ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है, उसी तर्ज पर अब स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में भी इसे लागू किया जाए। ज्ञापन में कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समानता की गारंटी देता है, वहीं अनुच्छेद 15 और 16 राज्य को समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान करने का अधिकार देते हैं। करणी सेना का कहना है कि 103वें संविधान संशोधन अधिनियम 2019 की मूल भावना को तभी पूर्ण माना जाएगा, जब आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में भी उचित भागीदारी मिले। जिला अध्यक्ष मेघसिंह नावद ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण मिलने से ग्रामीण स्तर पर समाज के जरूरतमंद तबके का नेतृत्व मजबूत होगा। इस दौरान हेमेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, मांगुसिंह, शेरसिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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राजपूत करणी सेना ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को पंचायती राज संस्थाओं और अन्य चुनावों में आरक्षण देने की मांग उठाई है। शुक्रवार को जिला अध्यक्ष मेघसिंह नावद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के माध्यम से केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने संविधान के अनुच्छेदों का हवाला देते हुए मांग की है कि जिस तरह शिक्षा और सरकारी सेवाओं में ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है, उसी तर्ज पर अब स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में भी इसे लागू किया जाए। ज्ञापन में कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समानता की गारंटी देता है, वहीं अनुच्छेद 15 और 16 राज्य को समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान करने का अधिकार देते हैं।
करणी सेना का कहना है कि 103वें संविधान संशोधन अधिनियम 2019 की मूल भावना को तभी पूर्ण माना जाएगा, जब आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में भी उचित भागीदारी मिले। जिला अध्यक्ष मेघसिंह नावद ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण मिलने से ग्रामीण स्तर पर समाज के जरूरतमंद तबके का नेतृत्व मजबूत होगा। इस दौरान हेमेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, मांगुसिंह, शेरसिंह सहित अन्य मौजूद रहे।