कांग्रेस के पूर्व मंत्री बोले- भाजपा-सरकार गुमराह कर रही:राम जी तो महात्मा गांधी से भी बड़े और महान थे, मनरेगा में मजदूरी मनमाने ढंग से
भाजपा के लोग राम के नाम पर कमा खाने का काम कर रहे है हैं ये मनरेगा का नाम बदल दे तो हमें दिक्कत नहीं है लेकिन राम जी का नाम भी इन्होंने नहीं रखा। ये लोगों का गुमराह कर रहे हैं। पूर्व मंत्री ओर भीलवाड़ा देहात जिलाध्यक्ष रामलाल जाट ने केंद्र सरकार ओर भाजपा पर जमकर आरोप लगाए। जाट शनिवार को सर्किट हाउस में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा में बदलाव को लेकर मनरेगा बचाओ संग्राम आंदोलन को लेकर प्रेस वार्ता कर जन आंदोलन की रूपरेखा साझा कर रहे थे। लोगों के अधिकार को छीनने का काम जिलाध्यक्ष रामलाल जाट ने कहा- राम जी तो महात्मा गांधी से भी बड़े और महान थे, महात्मा गांधी ने मृत्यु के समय कहा हे राम। उन्होंने राम जी को याद किया लेकिन ये बेईमान लोग हैं। राम जी के नाम पर कमा खाने का काम कर रहे हैं। राम जी की मर्यादा पर करते तो भी सही रहता। लोगों के अधिकार को छीनने, उनके हक को छीनने का काम कर रहे हैं। बदलाव से मनरेगा बन जाएगी सरकार की रेवड़ी देहात जिला अध्यक्ष जाट ने बताया कि मनरेगा में बदलाव के बाद काम अधिकार नहीं बनेगा बल्कि सरकार की मर्जी से बांटी जाने वाली एक रेवड़ी बन जाएगा। मोदी सरकार चुनेगी की कौन सी ग्राम पंचायत को काम मिलेगा और किसे नहीं, इसके साथ ही न्यूनतम मजदूरी में हर साल बढ़ोतरी की जाती थी। साल के 365 दिन काम उपलब्ध रहते थे लेकिन अब मजदूरी मनमाने ढंग से तय की जाएगी। ना तो न्यूनतम मजदूरी कोई गारंटी होगी ना हर साल बढ़ोतरी की कोई गारंटी। मनरेगा में बदलाव के बाद सभी फैसले दिल्ली से रिमोट कंट्रोल के जरिए लिए जाएंगे। विकास की परियोजनाएं कुछ सीमित श्रेणियां तक पहुंचेंगी। योजना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णय मोदी सरकार द्वारा लिए जाएंगे और ग्राम पंचायत अपना अधिकार खो देगी। उन्होंने बताया कि योजना के द्वारा राज्य सरकारों को कमजोर किया जा रहा है और उस पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। सरकार ने अब काम के कानूनी अधिकार को समाप्त कर दिया है। 125 दिन का प्रावधान केवल जुमला है, मोदी सरकार की मंशा इस योजना को खत्म करने की है। ये खतरे बताए मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत प्रमुख मांगे
