मांझे से युवक की कटी गर्दन, माइनर नसों के कटने से नहीं रुका ब्लड, रेफर
लहूलुहान पन्नाराम के लिए देवदूत बना टैक्सी चालक मांझे से कटी युवक की गर्दन। भास्कर न्यूज । नागौर शहर की सड़कों पर अब मौत किसी वाहन के रूप में नहीं, बल्कि अदृश्य डोर बनकर मंडरा रही है। शुक्रवार शाम करीब साढ़े 4 बजे डीडवाना रोड पर एक हादसा हुआ, चेनार निवासी पन्नाराम प्रजापत (40 ) बाइक से घर की ओर जा रहे थे, तभी चाइनीज मांझे ने उनकी गर्दन को चपेट में ले लिया। घटना के बाद मोहम्मद आरिफ सीधे जेएलएन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार के बाद भी रक्तस्राव और नसों की क्षति को नियंत्रित करना मुश्किल हुआ, तो डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर स्थिति में जोधपुर रेफर कर दिया है। पन्नाराम के इलाज मंे आधुनिक चिकित्सा तकनीक का सहारा लिया जाएगा। हादसे के बाद जब पन्नाराम सड़क पर तड़प रहे थे, तब टैक्सी चालक मोहम्मद आरिफ ने मिसाल पेश की। आरिफ ने पन्नाराम को अपनी टैक्सी में डाला और जेएलएन अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के गलियारों में आरिफ तब तक डटे रहे जब तक डॉक्टरों ने पन्नाराम को खतरे से बाहर नहीं बता दिया। आरिफ की इस त्वरित सूझबूझ और तत्परता ने ही पन्नाराम को नई जिंदगी दी है। जिम्मेदार आपकी भी है चाइनीज मांझेपर प्रतिबंध जरूरी हैं। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के साथ आम लोगों को भी आगे आना होगा।
लहूलुहान पन्नाराम के लिए देवदूत बना टैक्सी चालक मांझे से कटी युवक की गर्दन। भास्कर न्यूज । नागौर शहर की सड़कों पर अब मौत किसी वाहन के रूप में नहीं, बल्कि अदृश्य डोर बनकर मंडरा रही है। शुक्रवार शाम करीब साढ़े 4 बजे डीडवाना रोड पर एक हादसा हुआ, चेनार न
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घटना के बाद मोहम्मद आरिफ सीधे जेएलएन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार के बाद भी रक्तस्राव और नसों की क्षति को नियंत्रित करना मुश्किल हुआ, तो डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर स्थिति में जोधपुर रेफर कर दिया है। पन्नाराम के इलाज मंे आधुनिक चिकित्सा तकनीक का सहारा लिया जाएगा। हादसे के बाद जब पन्नाराम सड़क पर तड़प रहे थे, तब टैक्सी चालक मोहम्मद आरिफ ने मिसाल पेश की। आरिफ ने पन्नाराम को अपनी टैक्सी में डाला और जेएलएन अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल के गलियारों में आरिफ तब तक डटे रहे जब तक डॉक्टरों ने पन्नाराम को खतरे से बाहर नहीं बता दिया। आरिफ की इस त्वरित सूझबूझ और तत्परता ने ही पन्नाराम को नई जिंदगी दी है। जिम्मेदार आपकी भी है चाइनीज मांझेपर प्रतिबंध जरूरी हैं। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के साथ आम लोगों को भी आगे आना होगा।