स्वयंसेविकाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी सहभागिता का आह्वान
बालोतरा | राजकीय डीआरजे कन्या कॉलेज में एनएसएस के सात दिवसीय शिविर का समापन सरस्वती पूजन एवं वंदना के साथ किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य अर्जुनराम पूनिया ने राजस्थानी संस्कृति के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। साथ ही उन्होंने एनएसएस के मोटो नॉट मी बट यू को आत्मसात करते हुए स्वयंसेविकाओं से सेवा भाव के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। डॉ. भरत कुमार आर्य ने एनएसएस के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता व सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती है। राज्यपाल की ओर से सम्मानित डॉ. महेश ने एनएसएस की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों के सामाजिक महत्व को बताया तथा एनएसएस से जुड़े विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। सालगराम परिहार ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु की आज्ञा का पालन करने से जीवन में सही दिशा प्राप्त होती है। कार्यक्रम प्रभारी संतोष पटेल ने जानकारी दी कि शिविर के दौरान गायन एवं नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। गायन प्रतियोगिता में ज्योति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि नृत्य प्रतियोगिता में रवीना प्रथम रही। समारोह में अतिथियों की ओर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पारितोषिक वितरित किए गए। शिविर के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने पर सुशीला को सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेविका घोषित किया।
बालोतरा | राजकीय डीआरजे कन्या कॉलेज में एनएसएस के सात दिवसीय शिविर का समापन सरस्वती पूजन एवं वंदना के साथ किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य अर्जुनराम पूनिया ने राजस्थानी संस्कृति के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। साथ ही उन्होंने एनएसएस के
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डॉ. भरत कुमार आर्य ने एनएसएस के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता व सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती है। राज्यपाल की ओर से सम्मानित डॉ. महेश ने एनएसएस की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों के सामाजिक महत्व को बताया तथा एनएसएस से जुड़े विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। सालगराम परिहार ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु की आज्ञा का पालन करने से जीवन में सही दिशा प्राप्त होती है।
कार्यक्रम प्रभारी संतोष पटेल ने जानकारी दी कि शिविर के दौरान गायन एवं नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। गायन प्रतियोगिता में ज्योति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि नृत्य प्रतियोगिता में रवीना प्रथम रही। समारोह में अतिथियों की ओर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पारितोषिक वितरित किए गए। शिविर के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने पर सुशीला को सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेविका घोषित किया।