डोटासरा बोले-'भाई का बदला सदन में लेंगे':किरोड़ी बाबा ने कहा-'तीये की बैठक में आऊंगा'; जीप बनी 'मधुमक्खी का छत्ता'
नमस्कार सदन के भीतर एक दूसरे पर वार-पलटवार करने वाले नेताओं का सदन के बाहर दोस्ताना व्यवहार दिखा। मंत्रीजी को बुजुर्ग महिला ने घर आने का न्योता दिया तो बोले-तुम्हारे तीये की बैठक में आऊंगा। कलेक्टर-एसपी के सामने पूर्व विधायक ने पुलिस को खूब खरी-खरी सुनाई और एक 16 सीटर जीप पर सवारियों की संख्या देख लोग चौंक गए। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में... 1. डोटासरा और कालीचरण सराफ संवाद बात 8 साल पुरानी है। सदन में शून्यकाल चल रहा था। कालीचरण सराफ भाजपा सरकार में हेल्थ मिनिस्टर थे। गोविंद सिंह डोटासरा विपक्षी पार्टी में थे और सचेतक थे। तत्कालीन रानीवाड़ा विधायक नारायण सिंह देवल अपने विधानसभा में पीएचसी खोलने और उप स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत का मुद्दा उठा रहे थे। उपसभापति थे घनश्याम तिवाड़ी तिवाड़ी ने सराफ से कहा- योग्यता के अनुसार इसका जवाब दें। इस पर डोटासरा ने ताना मारा। बोले- योग्यता से नहीं, अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए जवाब दें। बार-बार के तानों से सराफ जबरदस्त नाराज हो गए। बोले- हद है, आप हर बार बिना वजह ऐसी बातें करते हैं। इसके बाद सराफ ने डोटासरा पर और डोटासरा ने सराफ पर आरोप जड़े। बात कच्चे चिट्ठों तक पहुंच गई। कालीचरण सराफ अब भी भाजपा में हैं, लेकिन मंत्री पद नहीं मिला। डोटासरा जी सदन परिसर में धूप सेंक रहे थे। सराफ और वे गर्मजोशी से मिले। डोटासरा यहां भी तंज मारने का मौका नहीं चूके। पहले तो लक्ष्मणगढ़ की बात करते हुए सराफ से कहा कि हम एक ही पंचायत के हैं। फिर कहा- आप बड़े भाई हो, आपका बदला हम सदन में लेंगे। इशारा सराफ को मंत्री पद न मिलने का था। सराफ ने भी जवाब दिया- बाहर क्या भरभेटी (टक्कर) मारते हो, सदन में भी भरभेटी देना। अच्छी बात ये कि माननीयों के बीच माहौल हंसी-मजाक का नजर आया। 2. किरोड़ी बाबा का अनोखा अंदाज किरोड़ी बाबा कृषि मंत्री हैं। अपने निराले अंदाज के कारण वे काफी जनप्रिय हैं। जहां भी दंगल देखते हैं उसमें कूद पड़ते हैं और जोरदार डांस करते हैं। सवाई माधोपुर में भी कन्हैया दंगल में खूब नाचे। ऐसा नहीं कि मंत्रीजी सिर्फ नाचकर ही जनप्रिय हो गए हैं। जनता से सीधा संवाद उन्हें खास बनाता है। वे फरियादियों से घिरे हुए थे। एक बुजुर्ग फरियादी महिला हाथ में मांग पत्र लेकर आई। बाबा पत्र पढ़ने लगे। पत्र पढ़ते पढ़ते महिला से बात करने लगे। बातों-बातों में महिला से 'बुआ' का रिश्ता भी निकल आया। बुआ होने के नाते महिला ने अधिकार से मनुहार सी की। कहा- मुझसे मिलने मेरे घर जरूर आना। मेरे जीते जी आना। इस पर किरोड़ी बाबा ने मजाक करते हुए कहा- आऊंगा, लेकिन तुम्हारी तीये की बैठक में आऊंगा। इस पर वहां खड़े सभी फरियादी ठहाका मारकर हंसने लगे। 3. पुलिस पर भड़के मावली के पूर्व विधायक राजसमंद में हरीश जोशी नाम का व्यक्ति लापता हो गया। परिजन पुलिस थाने की तरफ दौड़े। आरोप है कि पुलिस ने हल्के में लिया और हरीश की तलाश नहीं की। कुछ दिन बाद हरीश की लाश गांव वालों को कुएं में मिली। पुलिस को पता चला तो मौके पर पहुंचकर शव को कुएं से निकलवा कर मॉर्च्युरी में रखवा दिया। लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। आदमी को जीते जी पुलिस नहीं तलाश पाई। मरने के बाद भी लोगों ने ही सूचना दी। पुलिस लीपापोती करने लगी। आरोप है कि जिन लोगों पर परिजन को शक था उन्हें घंटे भर थाने में बैठाकर उन्हें छोड़ दिया गया। वे खुले घूमते रहे। लाश मिलने के बाद पुलिस ने अपनी ही पीठ यह कहकर थपथपाई कि हमने हरीश जी को ढूंढ लिया। वे कुएं में मृत अवस्था में मिले। हमने दो-तीन लोगों को डिटेन भी कर लिया। बात पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी तक पहुंची। वे सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए। वहीं एसपी साहब भी मौजूद। पुलिस के तमाम अधिकारी भी थे। पूर्व विधायक ने ऐसी-ऐसी खरी-खरी सुनाई कि पुलिस बगलें झांकने लगी। एसपी-कलेक्टर के सामने ही पुलिस की परतें उघाड़ने लगे। खाकी वाले बगलें झांकने लगे। 4. चलते-चलते.. जयपुर के आर्मी डे परेड की खूब तस्वीरें सोशल मीडिया पर चल रही हैं। एक बाइक पर कई जवान सवार होकर करतब दिखाते हैं। बांसवाड़ा में आनंदपुरी के लोगों को इन करतबों में कोई दिलचस्पी नहीं। उनका कहना है कि ऐसे करतब देखने हैं तो हमारे इलाके में किसी भी लोक परिहवन के साधन को देख लो। एक तस्वीर बांसवाड़ा के आनंदपुरी से सामने आई। जिसमें 16 सीटर जीप पर करीब-करीब 60 लोग सवार नजर आ रहे हैं। ड्राइवर को सड़क का अंश दिखता रहे, इसलिए फ्रंट मिरर का थोड़ा सा हिस्सा खाली छोड़ा गया। बाकी पूरी तूफान जीप मधुमक्खी के छत्ते की तरह सड़क पर दौड़ी चली जा रही है। ऐसे में कोई दुर्घटना हो जाए तो पलक झपकते ही लोक परिवहन का साधन 'परलोक' परिवहन का साधन बन जाएगा। सड़क सुरक्षा माह चल रहा है। पता नहीं बांसवाड़ा के अधिकारी क्या कर रहे हैं। रोडवेज के बेड़े में सैकड़ों बसें शामिल हुई हैं, पता नहीं इस इलाके तक वे बसें पहुंचीं या नहीं? सवाल तो है। क्योंकि जान हथेली पर रखकर सफर करते लोगों का यही वीडियो देखने में भी डर लग रहा है। सफर करने वालों का क्या हाल? (इनपुट सहयोग- दिनेश श्रोत्रीय (राजसमंद), संजय पटेल (बांसवाड़ा)।) वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब मंगलवार को मुलाकात होगी...



