किराए के मकान ने फंदे पर लटकी मिली महिला:दरवाजा बंद मिला तो बच्चों ने पड़ोसियों को बुलाया; परिजन बोले- किसी ने सुसाइड के लिए उकसाया
झुंझुनूं में 35 साल की महिला ने अपने किराए के कमरे में सुसाइड कर लिया। बच्चे पास ही के रूम में सो रहे थे। जब सुबह मां को उठाने के लिए पास के कमरा खटखटाया। कोई आवाज नहीं आने पर बच्चों ने पड़ोसियों को सूचना दी। इसके बाद दरवाजा खुलवाया तो महिला फंदे पर लटकी हुई थी। इसके बाद पुलिस को बुलाया तो परिजनों ने कमरे को बंद कर दिया और हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की। समझाइश के बाद पुलिस की FSL टीम और MOB (मोबाइल आउटपोस्ट ब्यूरो) मौके पर पहुंची और सबूत जुटाए। मामला झुंझुनूं के गुढ़ागौड़जी थाना इलाके के बड़ागांव का है। गुढ़ागौड़जी थाना SHO सुरेश रोलन ने बताया- सूचना मिली थी कि पूनम (35) निवासी हलसासर की आत्महत्या की सूचना मिली थी। यहां पहुंचे और FSL-MOB टीम से सबूत जुटाए। परिजनों ने एक युवक पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। युवक की भूमिका की जांच की जा रही है। मोबाइल डिटेल्स खंगाली जा रही है। इसके बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। पुलिस की लंबी समझाइश के बाद ही शव को नीचे उतारने दिया गया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए गुढ़ा अस्पताल भेजा गया। जानकारी के अनुसार, पूनम सिंह के पति दलीप सिंह की मौत 1 साल पहले हो गई थी। इसके बाद से पूनम सिंह अपने 2 बच्चों के साथ किराए के मकान में अकेली ही रह रही थी। परिजनों का आरोप आत्महत्या नहीं, यह हत्या जिला परिषद सदस्य अजय भालोठिया ने मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पूनम की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसे फंदे पर लटकाया गया है। शुरुआत में लोगों ने पुलिस को कमरा खोलने से भी रोक दिया। तर्क था कि बिना उच्च स्तरीय जांच के कमरा खोलने से मौके पर मौजूद सबूत नष्ट हो सकते हैं। वीडियो कॉल और मोबाइल कॉल डिटेल पर टिकी जांच जानकारी के अनुसार, मौत से कुछ समय पहले पूनम किसी से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। परिजनों ने एक संदिग्ध युवक के बारे में पुलिस को जानकारी दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पूनम को आत्महत्या के लिए उकसाया गया था।
झुंझुनूं गुढ़ा थाना इलाके के बड़ागांव में गुरुवार सुबह एक 35 वर्षीय महिला का शव उसके किराए के मकान में फंदे से झूलता हुआ मिला। मृतका की पहचान हंलसासर निवासी पूनम के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही गुढ़ागौड़जी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों हत्या का आरोप लगाया। परिजनों का आरोप आत्महत्या नहीं, यह हत्या घटनास्थल पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पूनम की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसे फंदे पर लटकाया गया है। शुरुआत में लोगों ने पुलिस को कमरा खोलने से भी रोक दिया। ग्रामीणों का तर्क था कि बिना उच्च स्तरीय जांच के कमरा खोलने से मौके पर मौजूद सबूत नष्ट हो सकते हैं। पुलिस की समझाइश और एक्सपर्ट टीमों की जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए गुढ़ा थाना प्रभारी सुरेश रोलन ने उच्चाधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद मौके पर MOB (Mobile Outpost Bureau), FSL (Forensic Science Laboratory) और डॉग स्क्वायड की टीमों को बुलाया गया। विशेषज्ञों ने कमरे से फिंगरप्रिंट्स और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस की लंबी समझाइश के बाद ही शव को नीचे उतारने दिया गया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए गुढ़ा अस्पताल भेजा गया। वीडियो कॉल और मोबाइल कॉल डिटेल पर टिकी जांच सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि मौत से कुछ समय पहले मृतका किसी से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। पुलिस अब मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) और सोशल मीडिया चैटिंग को खंगाल रही है। परिजनों ने एक संदिग्ध युवक के बारे में पुलिस को जानकारी दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पूनम को आत्महत्या के लिए उकसाया गया था। पति की साल भर पहले ही हुई थी मौत जानकारी के अनुसार, पूनम के पति दलीप सिंह की की करीब एक साल पहले मौत हो चुकी थी। अपने दो बच्चों के साथ वह बड़ागांव में किराए का मकान लेकर रह रही थी। देर रात ऐसा क्या हुआ कि हँसते-खेलते परिवार की मुखिया ने मौत को गले लगा लिया या उसे मार दिया गया, यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। थानाधिकारी सुरेश रोलन ने बताया कि हर एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं। परिजनों ने एक युवक पर संदेह जताया है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है। मोबाइल डिटेल आने के बाद स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। फिलहाल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है