बेहतर संचालन की बदौलत बढ़ी झुंझुनूं डिपो की आय, सभी लक्ष्य हासिल कर प्रदेश में रहा अव्वल
भास्कर संवाददाता |झुंझुनूं यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान कर रोडवेज से जोड़ने की दिशा में कई नवाचार व सुधार कर झुंझुनूं डिपो ने अपनी आय ही नहीं बढ़ाई बल्कि मुख्यालय की ओर से मिले सभी लक्ष्य भी हासिल कर लिए। झुंझुनूं पहला डिपो है, जिसने सभी लक्ष्य हासिल कर लिए। दरअसल रोडवेज एमडी की ओर से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देकर रोडवेज से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे है। इसके तहत झुंझुनूं डिपो में नवाचार किया गया। जिन रूटों पर अधिक यात्रीभार मिलने की संभावना है। वहां नए रूटों बनाए गए। जैसे जयपुर से उदयपुरवाटी होकर झुंझुनूं हिसार होकर लुधियाना तक चलने वाली बस का जालंधर तक बस का विस्तार किया गया। इस बस को खाटूश्यामजी तक चलाया गया। इससे हरियाणा व पंजाब के लोगों को खाटूश्यामजी तक न केवल साधन मिला, बल्कि रोडवेज को बेहतर आय भी होने लगी। जालंधर तक बस का विस्तार करने से झुंझुनूं जिले के फौजियों व व्यापारियों को हिसार, लुधियाना व जालंधर का साधन मिला। इसी तरह राजगढ़ से पिलानी, झुंझुनूं सीकर, कुचामन होकर अजमेर तक बस सेवा शुरू की। इससे लोगों को रोडवेज बस में सफर का विकल्प मिला। झुंझुनूं डिपो ने न सिर्फ बसों की नियमितता बढ़ाई, बल्कि रूट मैनेजमेंट और शेड्यूलिंग को भी बेहतर बनाया। समय पर बसों का संचालन, कम ब्रेकडाउन और रूट पर सख्त निगरानी इन सबका सीधा असर किलोमीटर संचालन पर पड़ा। दिसंबर 2025 में रोडवेज मुख्यालय ने झुंझुनूं डिपो को 47 रुपए प्रति किलोमीटर आय अर्जित करने का लक्ष्य दिया था। लेकिन डिपो ने इस लक्ष्य को पार करते हुए 48 रुपये 9 पैसे प्रति किलोमीटर की आय अर्जित की। यह न केवल लक्ष्य से अधिक है, दिसंबर 2024 में झुंझुनूं डिपो केवल 43 रुपए 74 पैसे प्रति किलोमीटर की आय ही अर्जित कर पाया था। रोडवेज मुख्यालय ने झुंझुनूं को 100 प्रतिशत लोड फैक्टर का लक्ष्य दिया था। झुंझुनूं डिपो ने लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए 101 प्रतिशत यात्री भार अर्जित किया। बसों के संचालन की मानीटरिंग की। जिस समय यात्रियों की अधिक आवक रहती है। उन रूटों पर बसों का संचालन बढ़ाया गया। पिलानी- जयपुर, झुंझुनूं- दिल्ली रूट समेत अन्य रूटों पर अन्य डिपो की बसों के समय में अंतर कर संचालन किया गया। इससे यात्री भार बढ़ा। साथ ही बसों की चैकिंग व्यवस्था मजबूत की गई। बसों के अचानक निरीक्षण किए गए। अधिकारी से लेकर कर्मचारियों को भी चैकिंग की जिम्मेदारी दी गई। इससे बिना टिकट यात्रा कराने पर रोक लगने से रोडवेज की आय में बढ़ोतरी हुई। बसों की देखरेख की जिम्मेदारी व मेंटिनेंस की जिम्मेदारी तय की गई। मेरी बस, मेरा डिपो योजना से बसों की कंडीशन बेहतर होने से यात्री रोडवेज से जुड़े। इसका फायदा झुंझुनूं रोडवेज डिपो चीफ मैनेजर गिरीराज स्वामी का कहना है कि पहले झुंझुनूं डिपो घाटे में था। लेकिन पिछले चार महीनों से कुछ नवाचार किए गए। नए रूट बनाए गए। साथ ही चैकिंग व्यवस्था को मजबूत किया गया। अच्छा काम करने वाले चालक- परिचालकों व कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया गया। यात्रियों के रुझान को देखते हुए झुंझुनूं डिपो हरियाणा से खाटूश्यामजी होकर जयपुर तक और बसों का संचालन करने की तैयारी कर रहा है। झुंझुनूं डिपो चीफ मैनेजर गिरीराज स्वामी का कहना है कि पहले डिपो घाटे में था, लेकिन नए रूट बनाए गए है। व्यवस्थाओं में कुछ बदलाव किया गया है। कुछ नवाचार भी किए गए है। इसकी बदौलत आय में इजाफा हुआ है। झुंझुनूं डिपो ने मुख्यालय से मिले सभी लक्ष्य पूरे किए हैं। झुंझुनूं डिपो ने दिसंबर 2025 में राजस्थान रोडवेज के प्रदेश स्तर पर भी झुंझुनूं को पहले पायदान पर ला खड़ा किया है। आय, किलोमीटर संचालन, यात्री संख्या और लोड फैक्टर चारों प्रमुख पैमानों पर डिपो ने लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन किया है। दिसंबर 2024 की तुलना में दिसंबर 2025 में झुंझुनूं रोडवेज डिपो ने 8 लाख 46 हजार 812 रुपए अधिक आय अर्जित की। दिसंबर 2025 में डिपो की कुल आय 5.47 करोड़ रही, जबकि पिछले साल दिसंबर 2024 में यह आय 4.67 करोड़ थी। रोडवेज मुख्यालय ने झुंझुनूं डिपो को 5 करोड़ 2 लाख 28 हजार 990 रुपए का आय लक्ष्य दिया था, जिसे डिपो ने न सिर्फ पूरा किया बल्कि करीब 45 लाख रुपए से अधिक की अतिरिक्त आय अर्जित की। किलोमीटर संचालन में भी झुंझुनूं डिपो ने दिसंबर 2025 में डिपो को 10 लाख 57 हजार 7 किलोमीटर बस संचालन का लक्ष्य मिला था, डिपो ने इसे हासिल करते हुए 11 लाख 38 हजार 725 किलोमीटर तक बसों का संचालन किया। दिसंबर 2024 में डिपो केवल 10 लाख 68 हजार किमी का ही संचालन कर पाया था।