साल के पहले दिन त्रिनेत्र गणेश मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु:बरसों से चली आ रही है परंपरा को निभाने पहुंचे लोग; धोक लगाकर मांगी मनौती
साल के पहले दिन प्रथम पूज्य गजानंद के दरबार में ढोक लगाने के लिए सवाई माधोपुरवासी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यहां रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश के ढोक लगाने के लिए करीब एक लाख श्रद्धालु पहुंचे। रणथंभौर में नए साल के पहले दिन को त्रिनेत्र गणेश मंदिर में ढोक लगाने की परंपरा बरसों से चली आ रही है। इसी परंपरा का निर्वाह करने के लिए आज लाखों की तादाद में श्रद्धालु उमड़े। यहां दर्शन करने के लिए इस बीच श्रद्धालुओं को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। नए साल के प्रथम दिन श्रद्धालुओं ने भगवान त्रिनेत्र गणेश के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई और मनौतियां मांगी। इस दौरान रणथंभौर की हरी भरी वादियां भगवान त्रिनेत्र गणेश के जयकारों से गूंज उठी। मंदिर ट्रस्ट ने किए श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम यहां सुबह सवेरे से ही दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु कठिन मशक्कत करके दुर्ग की चढ़ाई चढ़ने के बाद रणथंभौर के त्रिनेत्र गणेश मंदिर पहुंचे और त्रिनेत्र गणेश मंदिर में विधिवत रूप से पूजा अर्चना करने के साथ ही ढोक लगाकर अपनी हाजिरी लगाई और मनचाही मनौतियां मांगी। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पुलिस एवं प्रशासन द्वारा एक और जहां व्यवस्थाओं को अंजाम दिया गया है तो दूसरी ओर मंदिर ट्रस्ट द्वारा भी समुचित व्यवस्थाएं की गई है ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हो सके। नए साल के पहले दिन भगवान गणपति का अलौकिक श्रृंगार किया गया है। भगवान त्रिनेत्र गणेश की झांकी के सुबह सवेरे से ही श्रद्धालु दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे। सफारी पर गए पर्यटक जाम में फंसे त्रिनेत्र गणेश की मंगला झांकी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। जिसके चलते यहां सुबह सुबह जाम की स्थिति बन गई। यहां इस दौरान करीब आधा किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। लंबी वाहनों की कतारों के बीच सफारी पर जाने वाले पर्यटक भी काफी देर तक जाम में फंसे रहे।
साल के पहले दिन प्रथम पूज्य गजानंद के दरबार में ढोक लगाने के लिए सवाई माधोपुरवासी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यहां रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश के ढोक लगाने के लिए करीब एक लाख श्रद्धालु पहुंचे।

