म्यूल खाता व रेक्टिफिकेशन की प्रक्रिया के बारे में समझाया
भास्कर संवाददाता | पाली सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम 2025 के तहत बुधवार को आयकर कार्यालय स्थित आयकर सेवा केंद्र में पेन कार्ड आवेदन में रखी जाने वाली सावधानियां, डबल पेन, पेन-आधार लिंक, बोगस क्लेम, म्यूल खाता जैसी समस्याओं को लेकर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। संयुक्त आयकर आयुक्त रेंज-1 जोधपुर के.आर. मीना के निर्देशन में हुआ। इसमंंे आयकर अधिकारी राजेंद्र चौहान ने ई-मित्र संचालकों को आयकर से जुड़ी विभिन्न जानकारियां दीं। उन्होंने गलत रिफंड, बोगस क्लेम, डबल पेन, पेन- आधार लिंक समस्या, धारा 80 जीजीबी एवं 80 जीजीसी, म्यूल खाता व रेक्टिफिकेशन की प्रक्रिया के बारे में समझाया। आयकर अधिकारी ने बताया कि पेन कार्ड आवेदन के समय की गई छोटी-छोटी गलतियों के कारण करदाताओं को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है। अगर किसी के पास पहले से पेन है तो उसकी जांच कर के पेन सुधार का आवेदन करे न की नए पेन के लिए आवेदन करें। ताकि करदाताओं को समय रहते आयकर के साथ-साथ वित्तीय संस्थाओं से होने वाली असुविधाओं से बचाया जा सके। इसलिए ई-मित्र संचालकों की भूमिका बेहद अहम है।
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सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम 2025 के तहत बुधवार को आयकर कार्यालय स्थित आयकर सेवा केंद्र में पेन कार्ड आवेदन में रखी जाने वाली सावधानियां, डबल पेन, पेन-आधार लिंक, बोगस क्लेम, म्यूल खाता जैसी समस्याओं को लेकर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। संयुक्त आयकर आयुक्त रेंज-1 जोधपुर के.आर. मीना के निर्देशन में हुआ। इसमंंे आयकर अधिकारी राजेंद्र चौहान ने ई-मित्र संचालकों को आयकर से जुड़ी विभिन्न जानकारियां दीं।
उन्होंने गलत रिफंड, बोगस क्लेम, डबल पेन, पेन- आधार लिंक समस्या, धारा 80 जीजीबी एवं 80 जीजीसी, म्यूल खाता व रेक्टिफिकेशन की प्रक्रिया के बारे में समझाया। आयकर अधिकारी ने बताया कि पेन कार्ड आवेदन के समय की गई छोटी-छोटी गलतियों के कारण करदाताओं को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है। अगर किसी के पास पहले से पेन है तो उसकी जांच कर के पेन सुधार का आवेदन करे न की नए पेन के लिए आवेदन करें। ताकि करदाताओं को समय रहते आयकर के साथ-साथ वित्तीय संस्थाओं से होने वाली असुविधाओं से बचाया जा सके। इसलिए ई-मित्र संचालकों की भूमिका बेहद अहम है।