मनरेगा नाम बदलने पर कांग्रेस का मौन प्रदर्शन:डूंगरपुर कलेक्ट्री पर अंबेडकर मूर्ति के सामने धरने पर बैठे नेता
डूंगरपुर में कांग्रेस ने मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में रविवार को मौन प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक सहित कई नेता कलेक्ट्री पर अंबेडकर प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे और सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन कांग्रेस के 'मनरेगा बचाओ संग्राम जन आंदोलन' के तहत आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिना किसी नारेबाजी के मौन धारण कर विरोध जताया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष और डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा के नेतृत्व में पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, पूर्व मंत्री असरार अहमद और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रियकांत पंड्या समेत कई कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और पदाधिकारी कलेक्ट्री के सामने एकत्र हुए। विधायक गणेश घोघरा ने आरोप लगाया कि सरकार देशभर में गरीब और पिछड़े वर्ग से रोजगार का अधिकार छीनना चाहती है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की मनमोहन सरकार ने लोगों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी थी, लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार मनरेगा को बंद करना चाहती है। घोघरा के अनुसार, मनरेगा योजना का नाम बदलकर अब 'बीवी जी रामजी' रख दिया गया है, जिसमें रोजगार की कोई गारंटी नहीं है। घोघरा ने बताया कि इस कदम के खिलाफ देशभर के लोगों में आक्रोश है। कांग्रेस इस मुद्दे पर 'मनरेगा बचाओ संग्राम जन आंदोलन' चला रही है, जिसके तहत 31 जनवरी तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।
मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में डूंगरपुर में कांग्रेस ने मौन प्रदर्शन किया।
डूंगरपुर में कांग्रेस ने मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में रविवार को मौन प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक सहित कई नेता कलेक्ट्री पर अंबेडकर प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे और सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
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यह प्रदर्शन कांग्रेस के 'मनरेगा बचाओ संग्राम जन आंदोलन' के तहत आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिना किसी नारेबाजी के मौन धारण कर विरोध जताया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष और डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा के नेतृत्व में पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, पूर्व मंत्री असरार अहमद और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रियकांत पंड्या समेत कई कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और पदाधिकारी कलेक्ट्री के सामने एकत्र हुए।
विधायक गणेश घोघरा ने आरोप लगाया कि सरकार देशभर में गरीब और पिछड़े वर्ग से रोजगार का अधिकार छीनना चाहती है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की मनमोहन सरकार ने लोगों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी थी, लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार मनरेगा को बंद करना चाहती है। घोघरा के अनुसार, मनरेगा योजना का नाम बदलकर अब 'बीवी जी रामजी' रख दिया गया है, जिसमें रोजगार की कोई गारंटी नहीं है।