झुंझुनूं में पुलिस जवानों के लिए हेल्थ चेकअप कैंप:जवानों की सेहत को लेकर एसपी की पहल, स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश
24 घंटे की मुस्तैद ड्यूटी, अनियमित खान-पान और तनावपूर्ण माहौल में काम कर रहे झुंझुनूं पुलिसकर्मी अब अपनी सेहत को लेकर भी अलर्ट मोड में नजर आने लगे हैं। जिले के पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय की विशेष पहल पर रविवार को पुलिस लाइन में एक निशुल्क हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस अधिकारियों, जवानों और उनके परिजनों ने भाग लेकर अपनी सेहत की जांच करवाई। इस अवसर पर उपस्थित एपेक्स स्काईलाइन हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने जवानों की व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्याओं को सुना और उन्हें आवश्यक चिकित्सीय सलाह दी। कैंप में बीपी, शुगर और ईसीजी (ECG) जैसी जांचें कराई गईं, ताकि हृदय रोग और डायबिटीज जैसी साइलेंट बीमारियों का पता लगाया जा सके। डॉक्टरों ने जवानों को ड्यूटी के दौरान हाइड्रेटेड रहने, कम समय में स्ट्रेचिंग और व्यायाम करने जैसी सलाह दी, जिससे तनाव को कम किया जा सके। इस शिविर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू था पुलिसकर्मियों के भीतर स्वास्थ्य जागरूकता का बढ़ना। एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने कहा कि “एक स्वस्थ और फिट पुलिसकर्मी ही बेहतर कानून व्यवस्था की नींव रख सकता है। ऐसे शिविर न केवल स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान में मदद करते हैं, बल्कि जवानों का मनोबल भी बढ़ाते हैं।” पुलिस विभाग ने इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि जवानों के मानसिक और शारीरिक कल्याण को लेकर वह हमेशा गंभीर है।
24 घंटे की मुस्तैद ड्यूटी, तनावपूर्ण माहौल और अनियमित खान-पान के बीच झुंझुनूं पुलिस अब अपनी सेहत को लेकर भी 'अलर्ट मोड' पर नजर आ रही है। जिला पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय की विशेष पहल पर रविवार को पुलिस लाइन में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। शिविर में पुलिस के जवान रविवार को अपनी सेहत की जांच करवाते हुए नजर आई। एपेक्स स्काईलाइन हॉस्पिटल के सहयोग से आयोजित इस 'निःशुल्क हेल्थ चेकअप कैंप' का उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों को यह समझाना भी था कि एक स्वस्थ शरीर ही बेहतर कानून व्यवस्था की नींव रख सकता है। कैंप में सुबह से ही पुलिस अधिकारियों, जवानों और उनके परिजनों का पहुंचना शुरू हो गया था। शिविर को प्रभावी बनाने के लिए कई स्तरों पर सुविधाएं दी गईं: अनुभवी फिजिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट ने पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्याओं को सुना और उन्हें उचित चिकित्सीय सलाह दी। मौके पर ही बीपी, शुगर और ईसीजी (ECG) जैसी महत्वपूर्ण जांचें की गईं, ताकि हृदय रोग और डायबिटीज जैसी साइलेंट बीमारियों का पता लगाया जा सके। डॉक्टरों ने पुलिसकर्मियों को बताया कि कैसे ड्यूटी के दौरान हाइड्रेटेड रहें और कम समय में भी स्ट्रेचिंग व व्यायाम के जरिए तनाव को कम करें। पुलिस 'अवेयरनेस' पर विशेष जोर इस कैंप का सबसे सकारात्मक पहलू पुलिसकर्मियों के भीतर बढ़ी जागरूकता रही। एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन में हुए इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि पुलिस विभाग अपने कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक कल्याण के प्रति गंभीर है। पुलिस की नौकरी में अक्सर खुद के लिए समय निकालना मुश्किल होता है। ऐसे शिविर न केवल स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करते हैं, बल्कि जवानों का मनोबल भी बढ़ाते हैं।