फलोदी में जिला स्तरीय युवा महोत्सव का समापन:युवाओं ने बिखेरा हुनर, कला और संस्कृति को बताया समाजिक धरोहर
फलोदी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में जिला स्तरीय राजस्थान युवा महोत्सव 2025-26 का समापन आज शाम को हो गया। इस महोत्सव में जिले भर से आए युवाओं ने अपनी सांस्कृतिक, रचनात्मक और बौद्धिक प्रतिभाओं का प्रभावी प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों और अतिथियों को प्रभावित किया। कला और संस्कृति समाजिक धरोहर समापन समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) सोहनराम बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) पूर्णाराम और प्राचार्य मनमोहन पुरोहित उपस्थित थे। अतिथियों ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कला और संस्कृति हमारी सामाजिक धरोहर है। उन्होंने ऐसे मंचों को ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर प्रदान करने वाला बताया। महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों की सूची जारी की गई। विज्ञान (इनोवेशन) श्रेणी में इशिता भूतरा ने पहला स्थान प्राप्त किया। कला एवं संस्कृति के तहत लोक नृत्य (ग्रुप) में मानसी और उनकी टीम, सोलो लोक नृत्य में हर्षिता राजपुरोहित और लोक गीत में राजश्री जोशी विजेता रहीं। कौशल विकास प्रतियोगिताओं में कविता के लिए रक्षा व्यास, कहानी लेखन के लिए कृष्णा व्यास और पेंटिंग के लिए अंजू को प्रथम पुरस्कार मिला। युवा कृति एवं हस्तशिल्प वर्ग में हस्तशिल्प के लिए अदिति राजपुरोहित, टेक्सटाइल के लिए सुरभि राजपुरोहित और मांडणा कला के लिए अदिति राजपुरोहित ने बाजी मारी। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा नियुक्त विभिन्न प्रभारियों की सक्रिय भूमिका रही। इनमें कंट्रोल रूम प्रभारी राधेश्याम गेधवाल, एकल एवं सामूहिक नृत्य प्रभारी कान्ता पंवार, गायन प्रभारी देवी प्रसाद पालीवाल, कहानी/कविता प्रभारी घेवर राम, आशु भाषण प्रभारी महिपाल खिलेरी, चित्रकला प्रभारी कर्दम बोहरा और युवा कृति प्रभारी गैरुसिंह राजपुरोहित शामिल थे। इन सभी प्रभारियों ने अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। मानक जीनगर, गोपालराम देवड़ा और प्रमाण-पत्र लेखन में अशोक बिश्नोई का भी इस आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान रहा। ये रहे मौजूद आयोजन के सफल क्रियान्वयन में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के कार्मिकों का भी उल्लेखनीय सहयोग रहा। उप प्राचार्य अरुण जोशी, मंच एवं अन्य व्यवस्थाओं के प्रभारी सत्यनारायण, व्याख्याता प्रमोद सोनी, अशोक विश्नोई, गिरिराज पुरोहित, नंदकि जलशोर, तथा वरिष्ठ अध्यापक नीलम थानवी, रमेश सुथार और अरुण पुरोहित ने सभी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखा।